

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल का असर मंगलवार को महानगर में भी देखने को मिला। हालांकि सभी बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद नहीं रहीं, लेकिन शहर के कई इलाकों में सरकारी बैंकों की सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित रहीं। कुछ शाखाओं में ताले लटके दिखे, जबकि कई जगह सीमित कर्मचारियों के सहारे कामकाज चलता रहा।
शहर के एसबीआई, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की कई शाखाओं में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही बैंक पहुंचने वाले लोगों को यह पता चला कि काउंटर सेवाएं बंद हैं या फिर बेहद सीमित रूप में चल रही हैं। खासकर कैश निकासी, जमा और चेक क्लियरेंस से जुड़े काम प्रभावित रहे।
बैंक बंद होने का सबसे ज्यादा असर पेंशनरों और बुज़ुर्गों पर पड़ा। कई बुज़ुर्ग सुबह से ही शाखाओं के बाहर इंतज़ार करते दिखे। 70 वर्षीय एक पेंशनर ने बताया कि वे हर महीने बैंक से नकद निकालते हैं और डिजिटल लेनदेन उनके लिए आसान नहीं है। वहीं कुछ ग्राहकों ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के बैंक बंद रहने से उन्हें काफी दिक्कत हुई।
छोटे कारोबारियों और फुटपाथ दुकानदारों ने भी परेशानी जताई। उनका कहना है कि रोजमर्रा का लेनदेन अभी भी काफी हद तक नकद पर निर्भर है। बैंक से पैसा नहीं निकल पाने के कारण व्यापार प्रभावित हुआ। बड़ाबाजार और आसपास के इलाकों में इसका असर साफ दिखा। हालांकि निजी बैंकों की अधिकांश शाखाएं खुली रहीं और वहां कामकाज सामान्य रूप से होता देखा गया। इसके अलावा UPI, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग सेवाएं चालू रहीं, जिससे कुछ ग्राहकों को राहत मिली। लेकिन कई इलाकों में एटीएम से नकद निकासी को लेकर भी लोगों को परेशानी हुई।
गौरतलब है कि यह आरबीआई द्वारा घोषित कोई आधिकारिक बैंक अवकाश नहीं था, बल्कि बैंक कर्मचारी संगठनों की हड़ताल के कारण सेवाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारियों की मांगों को लेकर हड़ताल का असर भले ही आंशिक रहा, लेकिन आम लोगों की दिनचर्या जरूर प्रभावित हुई।