बांग्लादेशियों को न मिले IPL में खेलने की इजाजत : दिलीप घोष

जिस तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं है, उसी तरह बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भी आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष
वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष
Published on: 

कोलकाताः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के नेता दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि जिस तरह पाकिस्तानी क्रिकेटरों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने की अनुमति नहीं है, उसी तरह बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भी आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष ने यह टिप्पणी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 2026 आईपीएल टीम से बाहर करने का निर्देश दिए जाने के बाद की।

पूर्व सांसद ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले में पत्रकारों से कहा, ‘‘बांग्लादेश में जो हो रहा है वह किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। भारत सरकार अपना कर्तव्य निभा रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल के लोग बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों से बेहद दुखी हैं। यह अमानवीय है और इसके परिणाम भुगतने होंगे।’’

बीसीसीआई ने सही किया

उन्होंने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश में जल्द चुनाव, एक स्थिर सरकार और कानून व्यवस्था की बहाली चाहते हैं ताकि जान-माल की सुरक्षा हो सके और सीमा पर तनाव कम हो। मैं बीसीसीआई का शुक्रिया अदा करता हूं। जिस तरह पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत में खेलने की इजाजत नहीं है, उसी तरह बांग्लादेशी क्रिकेटरों को भी इसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। यह मांग कोलकाता से आई थी और इसे मान लिया गया है।’’

वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष
मुस्ताफिजुर के मामले ने पकड़ा तूल, अब बांग्लादेश इस देश में चाहता है अपने सारे मैच

मुस्तफिजुर को 9.2 करोड़ में केकेआर ने खरीदा था

कोलकाता नाइट राइडर्स ने रहमान को टीम से बाहर कर दिया है, जिन्हें उसने आईपीएल नीलामी में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। यह कदम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्देश पर उठाया गया है क्योंकि दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ रहा है। बीसीसीआई ने कहा कि 26 मार्च से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए जरूरत पड़ने पर केकेआर को एक उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी का नाम देने की अनुमति होगी।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in