भारी संख्या बांग्लादेशी नागरिकों ने हासिल की भारतीय पहचान

फर्जी दस्तावेजों का बड़ा नेटवर्क उजागर चुनाव आयोग को रद्दीकरण की सिफारिश इमिग्रेशन जांच में खुलासा
भारी संख्या  बांग्लादेशी नागरिकों ने हासिल की भारतीय पहचान
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की जांच में 29 बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा धोखाधड़ी से भारतीय पहचान पत्र हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। यह पूरा घटनाक्रम तब उजागर हुआ जब कई बांग्लादेशी यात्री भारत से बांग्लादेश जाने के दौरान डिपार्चर काउंटर पर इमिग्रेशन जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों ने भारत में स्थायी रूप से बसने के उद्देश्य से फर्जी तरीके से भारतीय वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनवा लिए थे।

मेडिकल वीजा और लंबी अवधि तक ठहराव

कुछ मामलों में सामने आया कि संबंधित यात्री मेडिकल वीजा पर भारत आए थे, लेकिन वे अपने उपचार संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। वहीं कई अन्य व्यक्तियों के बारे में यह भी जानकारी मिली कि वे हर यात्रा में लंबे समय तक भारत में रुकते रहे। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ लोगों ने अपनी पहचान बदलकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों—जैसे उत्तर 24 परगना, नदिया और कूचबिहार—में निवास स्थापित कर लिया था।

परिवार के सदस्यों को भी बनाया हिस्सा

रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में केवल एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी इस कथित धोखाधड़ी में शामिल पाए गए। पत्नी, बेटे और अन्य परिजनों के नाम पर भी भारतीय पहचान पत्र जारी कराए गए। कुछ मामलों में स्थानीय व्यक्तियों की मदद से दस्तावेज हासिल करने के आरोप भी सामने आए हैं। जांच एजेंसियों ने संबंधित पासपोर्ट नंबर, वोटर आईडी, आधार और अन्य पहचान दस्तावेजों का विवरण एकत्र कर लिया है।

चुनाव आयोग को सिफारिश

FRRO कोलकाता ने इन सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल को भेज दी है। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि धोखाधड़ी से प्राप्त किए गए भारतीय पहचान पत्रों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जल्द से जल्द रद्द किया जाए। साथ ही संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।

आगे की कार्रवाई पर नजर

इस मामले ने सीमा पार से अवैध तरीके से पहचान पत्र बनवाने के नेटवर्क की आशंका को भी मजबूत किया है। अब संबंधित एजेंसियां पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही हैं और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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कुल बांग्लादेशी नागरिक: 29 │

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│ 01 │ दुलाल कांति नाथ             │

│ 02 │ स्वपन कुमार बाला             │

│ 03 │ गीता रानी बरई             │

│ 04 │ रिया बाला                         │

│ 05 │ बासुदेब चंद्र दास             │

│ 06 │ सुबर्ण दास                         │

│ 07 │ बिराज कुमार दास             │

│ 08 │ सुभाष चंद्र डे             │

│ 09 │ अमलेंदु चौधरी                        │

│ 10 │ रेखा रानी चौधरी             │

│ 11 │ श्राबोनी चौधरी             │

│ 12 │ शिला रानी बिस्वास             │

│ 13 │ निपुण बिस्वास                        │

│ 14 │ स्वीकृति पॉल                         │

│ 15 │ चैतन्य कुमार सरकार             │

│ 16 │ झरना रानी सरकार             │

│ 17 │ चंपक कुमार सरकार             │

│ 18 │ अनुराधा दत्ता                        │

│ 19 │ बिथिका मंडल                         │

│ 20 │ हीरा मंडल                         │

│ 21 │ पन्ना मंडल                         │

│ 22 │ परिमल बिस्वास             │

│ 23 │ कुमारेश चक्रवर्ती             │

│ 24 │ मिली चक्रवर्ती             │

│ 25 │ कनाई लाल सरकार             │

│ 26 │ अल्पोना सरकार                        │

│ 27 │ नारायण रॉय                         │

│ 28 │ रानित देब                         │

│ 29 │ झरना रानी सरकार


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