

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : नई सरकार के गठन के बाद हावड़ा शहर में वर्षों से बनी जल निकासी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर योजना शुरू कर दी गई है। पूरे हावड़ा में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 4700 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया गया है। इसमें सबसे प्रमुख ध्यान बाली विधानसभा क्षेत्र पर दिया जा रहा है, जहां हल्की सी बारिश में भी स्थानीय निवासियों को जलजमाव की भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय विधायक संजय सिंह के अनुसार बाली को जल-जमाव की परेशानी से पूरी तरह मुक्त करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
इन वैज्ञानिक एवं यांत्रिक विधियों पर दिया जाएगा बल
विधायक ने कहा कि बाली की विशिष्ट भौगोलिक बनावट और पुराने नालों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक वैज्ञानिक व यांत्रिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसके लिए देश के प्रसिद्ध जल विशेषज्ञ एवं ''वाटरमैन'' अजय सिंह को आमंत्रित किया गया है, जो बाली का दौरा कर वैज्ञानिक समीक्षा और मास्टर प्लान का डिजाइन प्रदान करेंगे। प्लान के तहत कार्य योजना के क्रम में वैज्ञानिक मैपिंग व गाद निकासी यानी पुराने कैनल और नालों की भौगोलिक समीक्षा कर वैज्ञानिक तरीके से तलछट और गाद हटाई जाएगी। दूसरी योजना होगी जमा पानी के तेजी से प्रवाह के लिए नए और वैकल्पिक कृत्रिम जल निकासी चैनलों का निर्माण करना। तीसरी प्रक्रिया यानी यांत्रिक पम्पिंग क्षमता में सुधार को अपनाया जायेगा। इस क्रम में स्थानीय पम्पिंग स्टेशनों पर उच्च क्षमता वाली आधुनिक पम्पिंग मशीनों को तैनात किया जाएगा, जिससे बारिश का पानी रिकॉर्ड समय में बाहर निकाला जा सके। प्रशासन को पूर्ण विश्वास है कि इन वैज्ञानिक व यांत्रिक सुझावों के लागू होने से बालीवासियों को जल जमाव से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।