

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के पद से हटने के बाद जेफ्री एपस्टीन मामले को लेकर विवाद फिर से गहरा गया है। एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ितों और कई लोगों ने बॉन्डी पर सच सामने लाने का मौका गंवाने का आरोप लगाया है।
एपस्टीन की कथित पीड़िता जेस माइकल्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि एक महिला अटॉर्नी जनरल बनने के बाद इस मामले की सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि पाम बॉन्डी के पास यौन हिंसा और मानव तस्करी के पीड़ितों के लिए न्याय दिलाने का बड़ा मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
“एपस्टीन फाइल्स” के नाम से चर्चित जांच दस्तावेजों को लेकर बॉन्डी के कार्यकाल में काफी विवाद रहा। शुरुआत में बड़े खुलासे की उम्मीद जगाई गई, लेकिन बाद में कहा गया कि इसमें कुछ खास नहीं है और आखिर में जो दस्तावेज जारी किए गए, उन्हें लेकर भी सवाल उठे।
हालांकि पाम बॉन्डी ने अपने फैसलों पर उठी आलोचनाओं को खारिज किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें “महान देशभक्त और वफादार दोस्त” बताया। एपस्टीन की एक और पीड़िता एनी फार्मर ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सरकारी और न्यायिक व्यवस्था की विफलता है, जिसने बार-बार एपस्टीन के पीड़ितों को निराश किया है।
पीड़ितों का कहना है कि पाम बॉन्डी के हटने से ही भरोसा वापस नहीं आएगा, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है, ताकि एपस्टीन मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।