निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात: पश्चिम बंगाल के बारासात में एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) भरने के नाम पर आम लोगों के फोन पर ओटीपी (One-Time Password) भेजकर धोखाधड़ी करने की एक गंभीर कोशिश का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के संदेह जताने और हंगामे के बाद, बारासात पुलिस ने इस घटना से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी गुत्थी यह है कि साधारण एन्यूमरेशन फॉर्म भरने के दौरान ओटीपी भेजने का असल मकसद क्या था। पुलिस अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या यह लोगों के संवेदनशील डेटा (जैसे कि आधार, बैंक खाते) तक पहुँचने के लिए किसी बड़े धोखाधड़ी की साजिश का हिस्सा है, या फिर इस प्रक्रिया के माध्यम से किसी राजनीतिक दल के लिए गुप्त रूप से सदस्य जुटाए जा रहे थे। हिरासत में लिए गए सभी आठ व्यक्ति दिल्ली से आए थे, जिससे यह मामला और भी संदिग्ध हो गया है।
यह पूरी घटना शनिवार को बारासात के कंदम्बगाछी हेमंत बसु इलाके में घटी, जहाँ इसे लेकर बड़ा हंगामा मच गया। स्थानीय निवासियों के दावे के अनुसार, इलाके में एक बड़ा बैनर लगाकर कैंप लगाया गया था, जहाँ एसआईआर (SIR) फॉर्म भरने का काम चल रहा था। नागरिकता से जुड़ी चिंता के कारण, बड़ी संख्या में लोग ये फॉर्म भरने के लिए वहाँ जमा हुए थे।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह काम 'लोकबंधु पार्टी' के नाम से बैनर लगाकर किया जा रहा था। फॉर्म भरने की प्रक्रिया के दौरान, शिकायत के अनुसार, फॉर्म भरने वाले लोगों के फोन पर लगातार ओटीपी भेजा जा रहा था।
स्थानीय लोगों को यहीं पर सबसे बड़ा संदेह हुआ। उन्होंने तर्क दिया कि जहाँ ऑनलाइन फॉर्म भरने में सुरक्षा के लिए ओटीपी की आवश्यकता होती है, वहीं यह एक ऑफलाइन प्रक्रिया थी, जहाँ ओटीपी की कोई जरूरत नहीं थी। जब सदस्यों से ओटीपी भेजने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। वे केवल यही कह रहे थे कि वे डेटा का रिकॉर्ड रखने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का संदेह तीव्र होता देख, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और दिल्ली से आए 'लोकबंधु पार्टी' के आठ सदस्यों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये लोग दिल्ली से आकर स्थानीय नागरिकता प्रक्रिया से जुड़े फॉर्म भरवाने के बहाने ओटीपी क्यों एकत्र कर रहे थे और क्या यह पूरी कवायद किसी संगठित धोखाधड़ी या गुप्त सदस्य भर्ती अभियान का हिस्सा थी। पुलिस द्वारा गहन पूछताछ जारी है।