निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात : पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बीच, बारासात के आमडांगा इलाके से एक व्यक्ति को केंद्रीय एजेंसी का फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी काम में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आमडांगा थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गहन पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने किस बड़े उद्देश्य के साथ यह धोखाधड़ी की और क्या वह किसी संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा है, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान सामिउल शेख के रूप में हुई है। सामिउल ने खुद को एक उच्च-पदस्थ केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताते हुए पहले आमडांगा के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) को एक आधिकारिक मेल भेजा। इसके बाद, उसने सीधे BDO नवकुमार दास से मुलाकात की और SIR के महत्वपूर्ण काम में शामिल होने की बात कही। सामिउल ने झूठा दावा किया कि वह 'योग्य मतदाताओं के चयन' के लिए एक विशेष सर्वेक्षण कर रहा है। इसके लिए, उसने BDO से सभी वोटरों के दस्तावेज़ और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
उसकी योजना थी कि वह ताराबेड़िया पंचायत क्षेत्र में जाकर उन निवासियों के वोटर कार्ड की जांच करेगा, जिनका नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन वे वर्तमान में मतदान के योग्य हैं। सामिउल ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह केंद्रीय एजेंसी की तरफ से इस महत्वपूर्ण सत्यापन कार्य को अंजाम देगा।
शुक्रवार को जब सामिउल शेख BDO नवकुमार दास से मुलाकात करने पहुंचा, तो BDO को उसकी बातचीत, आचरण और दस्तावेजों में कई असंगतियां (विसंगतियां) महसूस हुईं। BDO नवकुमार दास ने तुरंत आमडांगा पुलिस थाने को इस संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचित किया। पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सामिउल को गिरफ्तार कर लिया।
जांच और तलाशी के दौरान पुलिस को सामिउल शेख के पास से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इनमें चुनाव आयोग (Election Commission) के अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर, कमीशन का जाली लोगो (Logo) लगे हुए फर्जी लेटरहेड और अन्य जाली दस्तावेज़ शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती जांच से पता चला है कि उसका मुख्य मकसद फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर SIR की संवेदनशील प्रक्रिया में हेरफेर (Manipulation) करना था। BDO की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस धोखाधड़ी के पीछे के असली मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।