

अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों में ईरान के केर्मन प्रांत स्थित एक सैन्य अड्डे पर 13 सैनिकों की मौत हो गई है। ईरानी सेना के अनुसार हमला देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित बेस को निशाना बनाकर किया गया।
हमले के बाद बड़े विस्फोट की आवाज सुनी गई और तेहरान के पूर्वी हिस्से से घना धुआं उठता देखा गया। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि राजधानी में किस ठिकाने को निशाना बनाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, हालिया हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को भारी नुकसान हुआ है, खासकर सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद। हमलों में आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ और 10 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया है। इसे संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
तेहरान और अन्य शहरों में आईआरजीसी से जुड़े कई मुख्यालय और केंद्र भी हमलों की जद में आए हैं। शनिवार तड़के शुरू हुए हमलों के बाद से आईआरजीसी लगातार बयान जारी कर रहा है, जिनमें वह जवाबी कार्रवाई जारी रखने का दावा कर रहा है।
बीती रात आईआरजीसी ने कहा कि उसने कुवैत में एक सैन्य अड्डे और दुबई में अमेरिकी सैन्य बलों की एक सभा को निशाना बनाया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जमीनी हालात बताते हैं कि इस संघर्ष में सिर्फ सैन्य और राजनीतिक ठिकाने ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं। राजधानी और अन्य शहरों में लगातार धमाकों और हमलों की खबरों से दहशत का माहौल बना हुआ है।