अरुणाचल प्रदेश के नामसाई में पक्षियों की 89 प्रजातियां सर्वेक्षण में दर्ज की गयींं

सर्वेक्षण सर्वेक्षण जोना स्थित नोंगसाया झील में किया गया
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सर्वेक्षण सर्वेक्षण जोना स्थित नोंगसाया झील में किया गया
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ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जिले की एक झील में किये गये दो दिन के सर्वेक्षण के दौरान पक्षियों की कुल 89 प्रजातियां दर्ज की गयीं।

सर्वेक्षण के दौरान देखी गयीं पक्षियों की प्रमुख प्रजातियां

पर्यावरणविद् कोज मामा ने गुरुवार को बताया कि यह सर्वेक्षण ‘अरुणाचल प्रदेश बर्डिंग क्लब’ (एपीबीसी) द्वारा लोक निर्माण विभाग के सहयोग से नामसाई शहर से लगभग नौ किलोमीटर दूर जोना स्थित नोंगसाया झील में किया गया।उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण झील की महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका को ध्यान में रखते हुए किया गया था। सर्वेक्षण के दौरान देखी गयीं पक्षियों की प्रमुख प्रजातियों में ‘ओरिएंटल डार्टर’, ‘लेसर एडजुटेंट’, ‘पेल-चिन्ड ब्लू फ्लाईकैचर’, ‘ब्लॉसम-हेडेड पैराकीट’, ‘येलो-बेलिड वार्बलर’ और ‘चेस्टनट-कैप्ड बैबलर’ शामिल हैं।

वन क्षेत्र में समृद्ध जैव विविधता

पर्यावरणविद् ने कहा कि झील और इसके आसपास के वन क्षेत्र में समृद्ध जैव विविधता है, जिसमें पक्षी और तितलियों के संरक्षण की बड़ी संभावनाएं हैं। प्राकृतिक आवास के रूप में कार्य करने के अलावा यह क्षेत्र पर्यावरण शिक्षा और मनोरंजन गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बन सकता है। झील के पारिस्थितिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सतत विकास और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी में सार्थक योगदान दे सकता है। पर्यावरणविद् का मानना है कि नोंगसया झील को एक हरित जैव विविधता क्षेत्र के रूप में विकसित करने से नामसाई जिले में पर्यावरणीय और आर्थिक स्थिरता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

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