'आमादेर पाड़ा' कैंप में अब तक 4.5 लाख लोग पहुंचे

राज्य भर में 590 शिविर आयोजित किए गए
'आमादेर पाड़ा' कैंप में अब तक 4.5 लाख लोग पहुंचे
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कोलकाता: कुछ लोग सड़कों पर लैंपपोस्ट लगाने की माँग लेकर आए थे, तो कुछ बाजार में शौचालय बनवाने और स्थानीय स्कूलों की मरम्मत की मांग कर रहे थे। कुछ लोग तो अपने इलाके के कितने हिस्से में सड़कों की मरम्मत की जरूरत है, यह दिखाने वाला नक्शा भी लेकर पहुंचे थे। 'आमादेर पाड़ा' परियोजना के दूसरे दिन राज्य भर में भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। नवान्न सूत्रों के अनुसार, मुख्य सचिव डॉ. मनोज पंत ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि 'आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान' में राज्य भर में 590 शिविर आयोजित किए गए। इनमें 2.51 लाख लोगों ने भाग लिया यानी शनिवार और सोमवार को राज्य भर में 1,200 से अधिक शिविर लगाए गए। इनमें 4.5 लाख लोग शामिल हुए। मुख्य सचिव ने कहा कि इन कैंपों में जनता अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर आ रही है और प्रशासन उन्हें मौके पर समाधान देने की कोशिश कर रहा है। यह पहल राज्य सरकार की जनसुनवाई और भागीदारी आधारित शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मनोज पंत ने डीवीसी द्वारा बिना सूचना के जल छोड़े जाने पर भी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि डीवीसी का रवैया अत्यंत शोचनीय है, जिसके कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन जिलेवार हालात से निपटने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि राज्य के कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट कोर्सों के लिए ऑनलाइन पोर्टल अब 5 अगस्त की मध्यरात्रि तक खुला रहेगा, ताकि जो छात्र अब तक फॉर्म नहीं भर सके हैं, उन्हें एक और अवसर मिल सके।

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