नेपाल की बाढ़ में मालकिन को खो चुके बेजुबान को गोद लेंगी बेहला की अर्चना !

कीचड़ में बैठकर लगातार रो रहा बेजुबान , खाना देने पर भी नहीं खा रहा
Archana Mitra Offers to Adopt Dog Loyal to Missing Owner in Nepal Flood
मालकिन का इंतजार करता बेजुबान
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: नेपाल में हाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि कई घर और सड़कें पानी के तेज बहाव में बह गईं। इसी बीच किशोरी बाजार इलाके से सामने आई एक तस्वीर ने लोगों को भावुक कर दिया। यहां एक पालतू कुत्ता कीचड़ में बैठा अपनी लापता मालकिन का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि खाना देने के बावजूद वह कुछ नहीं खा रहा और लगातार रोता हुआ अपनी मालकिन की राह देख रहा है। इस घटना की खबर कोलकाता के बेहाला बोशपाड़ा की पशु प्रेमी अर्चना मित्रा तक पहुंची तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने इस बेसहारा कुत्ते को गोद लेने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब (हैम रेडियो) से मदद की गुहार लगाई है। अर्चना चाहती हैं कि किसी तरह कुत्ते को सुरक्षित कोलकाता लाकर उसे अपने घर में जगह दी जाए।

कोरोना काल में भी बेजुबानों की करती रही हैं मदद

अर्चना मित्रा का पशु प्रेम नया नहीं है। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान जब कोलकाता की सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते भोजन के लिए भटक रहे थे, तब उन्होंने रोजाना उन्हें दो वक्त खाना खिलाया था। उस समय वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब ने भी उनकी मदद की थी और चावल, दाल व आलू जैसी जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई थी।

नेपाल में मदद का पुराना अनुभव, अब कुत्ते को बचाने की कोशिश

वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब का नेपाल में आपदा राहत कार्य का पुराना अनुभव रहा है। वर्ष 2015 में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान क्लब के सदस्यों ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा पोखरा और गोरखा तक पहुंचकर संचार व्यवस्था बहाल करने में मदद की थी। इस बार नेपाल में आई बाढ़ के दौरान भी क्लब ने राहत कार्य के लिए नेपाल दूतावास से अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी। क्लब के सचिव अंबरीश नाग विश्वास ने बताया कि अर्चना मित्रा के अनुरोध को गंभीरता से लिया गया है। अब कुत्ते को नेपाल से भारत लाने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया और संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं, तो इस बाढ़ पीड़ित बेजुबान को बेहाला लाकर अर्चना के सुपुर्द करने की कोशिश की जाएगी।

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