171 कॉलेजों में बीजेपी नेताओं की नियुक्ति, राजनीति पर विवाद

प्रियंका टिबरेवाल समेत बीजेपी नेताओं को कॉलेजों की जिम्मेदारी
171 कॉलेजों में बीजेपी नेताओं की नियुक्ति, राजनीति पर विवाद
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के 171 और सहायता प्राप्त कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष पदों पर बीजेपी नेताओं, विधायकों और पार्टी से जुड़े प्रमुख चेहरों को नियुक्त किए जाने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस ताजा सूची के जारी होने से यह साफ हो गया है कि पूर्व की भांति वर्तमान शासन में भी शैक्षणिक संस्थानों के शीर्ष पदों पर राजनीतिक हस्तियों का दबदबा बरकरार है, जिससे शिक्षा जगत को राजनीति से मुक्त रखने के दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

प्रमुख नेताओं को मिली कॉलेज की कमान

जारी की गई इस नई सूची के अनुसार, कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में तमघ्न घोष और सुरेंद्रनाथ कॉलेज फॉर विमेन में प्रियंका टिबरेवाल को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा शिशिर बाजोरिया को आचार्य जगदीश चंद्र बोस कॉलेज, शशि अग्निहोत्री हेरा को बसंती देवी कॉलेज, राजकमल पाठक को हेरंबा चंद्र कॉलेज, लॉकेट चटर्जी को सम्मिलनी महाविद्यालय और अजय अग्निहोत्री को योगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज की कमान सौंपी गई है। पुरुलिया से सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो सहित कई अन्य जिलों के विधायकों और जिला स्तर के पदाधिकारियों को भी विभिन्न कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

राजनीतिक हस्तक्षेप पर छिड़ी नई बहस

पिछले साल अगस्त में 247 कॉलेजों की सूची जारी करने के बाद अब 171 और कॉलेजों के लिए यह नया नोटिफिकेशन ''पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन अधिनियम, 2017'' के तहत जारी किया गया है, जिसने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के तर्ज पर ही काम करने के आरोपों को हवा दे दी है। हालांकि उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने शिक्षण संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा न बनने देने का दावा किया है, लेकिन विपक्षी संगठनों और शिक्षकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों का दौर बदस्तूर जारी है।

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