अगर जरूरत है तो एक हजार जज नियुक्त करें

ट्राइब्यूनल में लंबित मतदाताओं का मामला
अगर जरूरत है तो एक हजार जज नियुक्त करें
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इस बाबत दाखिल की गई पीआईएल

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एसआईआर प्रक्रिया के कारण ट्राइब्यूनल में लंबित मामलों का निपटारा शीघ्र किया जाए। अगर जरूरत है तो इसके लिए एक हजार जजों की नियुक्ति की जाए। यह अपील करते हुए हाई कोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की गई है। चीफ जस्टिस सुजय पाल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन के डिविजन बेंच में इसकी शीघ्र सुनवाई होने की उम्मीद है।

सांसद इशा खान ने यह पीआईएल दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी का हवाला देते हुए करीब 30 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए। अब उनके मामले का निपटारा करने के लिए ट्राइब्यूनल का गठन किया गया है। इस पीआईएल में कहा गया है कि ट्राइब्यूनल की गति बेहद धीमी है। दूसरी तरफ मतदान करने का अधिकार संविधान ने दिया है। अगर इस अधिकार से वंचित कर दिया गया तो संविधान का क्या होगा। पारदर्शिता के साथ बताया जाए कि किस जिले के कितने मतदाताओं के नाम ट्राइब्यूनल में लंबित हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि ट्राइब्यूनल के अलावा हाई कोर्ट में भी एसआईआर से जुड़े मामले हैं और उनका निपटारा नहीं हो रहा है। पीआईएल में अपील की गई है कि इस तरह के मामलों के लिए हाई कोर्ट में अतिरिक्त बेंचों का गठन किया जाए।

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