एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु स्टार गेजिंग गतिविधियों के लिए आवेदन आमंत्रित
कर्माटांग, मायाबंदर, रामनगर, डिगलीपुर और वाइपर द्वीप शामिल
एस्ट्रो टूरिज्म को पर्यावरण-अनुकूल और सतत बनाने का लक्ष्य
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : पर्यटन विभाग, अंडमान तथा निकोबार प्रशासन ने दक्षिण अंडमान तथा उत्तर व मध्य अंडमान जिलों में रात्रि के समय तारों के अवलोकन अर्थात स्टार गेजिंग गतिविधियों के आयोजन के लिए इच्छुक व्यक्तियों एवं एस्ट्रो टूरिज्म ऑपरेटरों/आयोजकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। प्रशासन द्वारा इन गतिविधियों के लिए जिन स्थानों पर अनुमति प्रस्तावित की गई है, उनमें उत्तर व मध्य अंडमान जिले के अंतर्गत कर्माटांग सागर तट, मायाबंदर तथा रामनगर सागर तट, डिगलीपुर शामिल हैं, वहीं दक्षिण अंडमान में बेओडनाबाद, बर्मानाला एवं कोडियाघाट के समुद्री तट क्षेत्र के साथ-साथ वाइपर द्वीप को भी चयनित किया गया है। स्टार गेजिंग गतिविधि का मुख्य उद्देश्य एस्ट्रो टूरिज्म को पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन गतिविधि के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर आय और रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। यह पहल उन स्थानीय एस्ट्रो टूरिज्म ऑपरेटरों को भी प्रोत्साहित करेगी जो सतत पर्यटन और संरक्षण के सिद्धांतों का पालन करते हैं।
इसके अतिरिक्त, इस योजना के माध्यम से एस्ट्रो पर्यटकों, स्थानीय समुदायों तथा वैज्ञानिक संस्थानों के बीच अनुसंधान और सहयोग को बढ़ावा देने तथा खगोलीय पिंडों के ज्ञान को समृद्ध करने का भी लक्ष्य रखा गया है। सूचना, प्रचार एवं पर्यटन निदेशालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्टार गेजिंग गतिविधियों के आयोजन के इच्छुक आवेदक अपने आवेदन लिखित रूप में निदेशालय, सूचना, प्रचार एवं पर्यटन, अंडमान तथा निकोबार प्रशासन के समक्ष 10 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह पहल द्वीपों में पर्यटन के एक नए आयाम को विकसित करेगी और प्रकृति व विज्ञान में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।

