जनता से द्वीपों की विरासत सामग्री उपलब्ध कराने की अपील

सागरमाला कार्यक्रम में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर
जनता से द्वीपों की विरासत सामग्री उपलब्ध कराने की अपील
Published on

लोथल में भारत की समुद्री विरासत प्रदर्शित होगी

प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के पवेलियन होंगे

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सागरमाला कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर एक प्रतिष्ठित एवं नवोन्मेषी परियोजना है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध एवं विविध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विकास भारत सरकार द्वारा गुजरात के लोथल में किया जा रहा है। राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के अंतर्गत प्रस्तावित पवेलियन में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए राज्य प्रायोजित खंड शामिल होंगे, जिन्हें प्रतिभागी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की विशिष्ट वास्तुकला, संस्कृति, जीवनशैली एवं समुद्री विरासत को प्रतिबिंबित करने हेतु विशेष रूप से डिज़ाइन एवं थीम आधारित बनाया जाएगा। अंडमान तथा निकोबार प्रशासन द्वीपसमूह की विरासत एवं ऐतिहासिक पहचान को दर्शाने के लिए एक प्रभावशाली तटीय केंद्रशासित प्रदेश पवेलियन तैयार करने हेतु प्रतिबद्ध है। इस संबंध में अंडमान तथा निकोबार प्रशासन ने आम जनता से अनुरोध किया है कि वे लोथल, गुजरात स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर में स्थापित किए जाने वाले अंडमान तथा निकोबार केंद्रशासित प्रदेश पवेलियन में प्रदर्शित किए जाने हेतु आवश्यक सामग्री, जानकारी एवं कलाकृतियां उपलब्ध कराएं।

इस संबंध में उपलब्ध सभी प्रासंगिक जानकारी एवं सामग्री सचिव (कला एवं संस्कृति), अंडमान तथा निकोबार प्रशासन को उपलब्ध कराई जा सकती है। अंडमान तथा निकोबार प्रशासन को आशा है कि जनता के सहयोग से वह लोथल, गुजरात स्थित एनएमएचसी में अंडमान तथा निकोबार पवेलियन के माध्यम से द्वीपों की समृद्ध एवं विविध समुद्री विरासत को प्रभावी रूप से प्रदर्शित कर सकेगा। सभी योगदानों को राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर, लोथल में अंडमान तथा निकोबार पवेलियन में उचित रूप से मान्यता दिए जाने की संभावना है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in