

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्कूली शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन ने 'एक देश, एक स्टूडेंट ID' (APAAR ID) के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तेज कर दी है। कोलकाता में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में हर जिले से एक नोडल टीचर और MIS कोऑर्डिनेटर को प्रशिक्षित किया गया, जो अब अपने क्षेत्रों में इस अभियान का नेतृत्व संभालेंगे। यह डिजिटल आईडी पूरी तरह स्वैच्छिक है और बिना अभिभावकों की लिखित अनुमति के नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में सहमति फॉर्म छपवाकर स्कूलों में तुरंत वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। शुरुआती दौर में हर जिले के कम से कम 2 स्कूलों में 60 से अधिक छात्रों और अभिभावकों के साथ प्रारंभिक कैंप लगे। इसके बाद 7 सितंबर से चयनित स्कूलों में नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित करते हुए प्रतिदिन 50 छात्रों के रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया, जिसे दस सितंबर से राज्य के प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य कर दिया गया। स्कूल स्तर से शुरू होकर यह डेटा सर्कल के जरिए जिला शिक्षा विभाग तक पहुंचता है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की अंतिम SOP मिलते ही इस पूरी व्यवस्था को और अधिक व्यापक रूप दे दिया जाएगा।