एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास, राहुल-शाह विवाद पर सदन में भारी हंगामा

राहुल गांधी की टिप्पणी पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, बिल में पेपर लीक पर 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान
एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास, राहुल-शाह विवाद पर सदन में भारी हंगामा
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नई दिल्ली: संसद में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' को लेकर तीखी बहस और जोरदार हंगामे के बीच लोकसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणियों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह सदन में आने से बच रहे हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए राहुल गांधी से माफी की मांग की।

हंगामे के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है, आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और सुनवाई शुरू हो गई है। उन्होंने दावा किया कि संशोधित कानून लागू होने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में ऐसे मामलों का फैसला करीब पांच महीने के भीतर हो सकेगा।

बिल के प्रमुख प्रावधान

  • पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर 5 से 10 साल तक की जेल

  • दोषियों पर 50 लाख रुपये तक जुर्माना

  • संगठित पेपर लीक गिरोहों के लिए 7 साल से अधिक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना

  • जांच दो महीने के भीतर पूरी करना अनिवार्य।

  • आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई पूरी करने का प्रावधान।

उधर, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इन कार्रवाइयों का आदेश किसने दिया और कहा कि यदि गृह मंत्री अमित शाह जवाब नहीं दे सकते तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

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