मेरे शरीर पर किसी और को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं: सितार वादक अनुष्का शंकर

‘मेरा शरीर मेरे लिए एक ‘पूर्ण, शक्तिशाली योद्धा’ की तरह रहा है ’
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मेरे शरीर पर किसी को भी टिप्पणी का अधिकार नहीं
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नयी दिल्ली : सितार वादक अनुष्का शंकर ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीरों और स्टोरीज पर लोगों द्वारा की गयीं आपत्तिजनक टिप्पणियों की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि उनके शरीर पर किसी और को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। अनुष्का सितार वादक पंडित रविशंकर की पुत्री हैं।

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एक मुद्रा यह भी

कपड़ों और शरीर के बारे में लैंगिक भेदभावपूर्ण टिप्पणियां

अनुष्का ने अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं थी, जिन पर ‘अजनबी पुरुषों’ द्वारा उनके कपड़ों और शरीर के बारे में लैंगिक भेदभावपूर्ण टिप्पणियां की गयी हैं। संबंधित एक टिप्पणी में कहा गया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत पवित्र संगीत है लेकिन पहनावा मेल नहीं खा रहा है। वहीं एक अन्य टिप्पणी में कहा गया कि आप धन्य हैं लेकिन ‘क्लीवेज’ दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। बारह बार ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित सितारवादक ने कहा कि एक तरह से यह सिर्फ एक शरीर है और इसमें कुछ भी विशेष नहीं है तथा दूसरी तरह से यह ‘एक चमत्कार भी है’ कि उन्होंने बच्चों को जन्म दिया, बाल यौन शोषण, चार बड़ी सर्जरी और नशे की लत से उबरीं। अनुष्का (44) ने कहा कि उनका शरीर उनके लिए एक ‘पूर्ण, शक्तिशाली योद्धा’ की तरह रहा है।

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सुर साधना

‘हर मुसीबत से निपटने में कामयाब रहा शरीर’

उन्होंने कहा कि इस शरीर ने दो बच्चों को जन्म दिया है, बाल यौन शोषण और पुरुषों के साथ कई खतरनाक स्थितियों से उबारा है, चार प्रमुख सर्जरी से उबारा है, ग्यारह वर्ष की उम्र से ही मासिक धर्म के दौरान भारी दर्द और माइग्रेन के साथ ‘पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम’ जैसी पीड़ा से गुजरा है, नशे की लत से बाहर आया है, अज्ञात न्यूरोडाइवर्जेंस (और इसके साथ जुड़े भ्रम, तनाव और थकावट) से जूझने में कामयाब रहा है, एक ‘ऑटोइम्यून’ विकार से लड़ा है और उससे निपटने में कामयाब रहा है।

‘नसीहतों’ पर कहा...
अनुष्का ने अपने पहनावे से संबंधित कुछ तस्वीरों पर की गयीं अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां भी पोस्ट कीं। संबंधित कड़ी में एक टिप्पणी में कहा गया कि उनकी छुट्टियों के परिधान में एक साधारण फोटो होनी चाहिए थी, न कि यह कामुक फोटो। वहीं एक अन्य टिप्पणी में कहा गया-आपको सोशल मीडिया पर ऐसा नहीं करना चाहिए, कृपया अपने पिता की छवि के बारे में सोचें। अनुष्का ने कहा कि मुझे अपने शरीर से प्यार है, हर उस चीज़ के लिए जिससे यह गुज़रा है और जो यह है। मुझे अच्छी तरह पता है कि यहां तक पहुंचने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा है... यह अंतर्निहित अहंकार जो किसी इंसान को यह सोचने की अनुमति देता है कि उसे किसी पर इस तरह से फैसला सुनाने का अधिकार है, हैरान करने वाला है। हमे 2025 में इस तरह की मूर्खता से बहुत आगे निकलना चाहिए - लड़ने के लिए और भी बड़ी लड़ाइयां हैं, लेकिन मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकती। मेरे शरीर पर किसी और को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मेरे सभी फ़ैसले मेरे अपने हैं...।

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