

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान तथा निकोबार प्रशासन ने 14 से 27 नवंबर, 2025 तक प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) 2025 में अपनी उत्कृष्ट भागीदारी से राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज़ कराई। मेले में इस वर्ष 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, 61 केंद्रीय मंत्रालयों, अनेक सरकारी-निजी संस्थानों तथा 2000 से अधिक प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। तीव्र प्रतिस्पर्धा के बीच भी अंडमान तथा निकोबार पैवेलियन की रचनात्मकता, थीम आधारित प्रस्तुति और स्वच्छता के प्रति समर्पण ने दर्शकों और निर्णायकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रशासन ने बताया कि द्वीपसमूह की विविध सांस्कृतिक धरोहर, अनोखी जनजातीय परंपराएँ, प्राकृतिक सौंदर्य और सतत विकास की अवधारणा को पैवेलियन में अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही इको-टूरिज्म, ब्लू इकोनॉमी, आर्गेनिक उत्पाद, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प तथा सरकारी विकास योजनाओं को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसे देशभर से आए आगंतुकों ने सराहा।
अंडमान तथा निकोबार पैवेलियन को उसकी बेहतरीन प्रस्तुति के लिए तीन महत्वपूर्ण सम्मानों से नवाज़ा गया—
• प्रदर्शन में उत्कृष्टता पुरस्कार
• स्वच्छ पैवेलियन पुरस्कार
• विशेष प्रशंसा पदक
ये सम्मान एक भव्य समारोह में प्रदान किए गए, जिसके मुख्य अतिथि भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रबंध निदेशक थे। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से राजेश चोपड़ा, सचिव (ग्रामीण विकास) ने यह सम्मान ग्रहण किया। सूचना, प्रचार एवं पर्यटन निदेशालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अंडमान तथा निकोबार पैवेलियन ने अपनी विशिष्ट थीम, साफ-सुथरे वातावरण, रचनात्मक सज्जा और तकनीक आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से आगंतुकों के सामने द्वीपसमूह की अनूठी पहचान को प्रभावी रूप से उभारा। बयान में यह भी बताया गया कि इस वर्ष के पैवेलियन में स्थानीय जनजातीय कला, लकड़ी और नारियल आधारित हस्तशिल्प, द्वीपों में चल रही पर्यावरण-संरक्षण परियोजनाएँ तथा मनोरम पर्यटन स्थलों की झलक को प्रमुखता दी गई, जिससे दर्शकों और निवेशकों में विशेष उत्साह देखा गया। अंडमान प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यह सम्मान न केवल द्वीपसमूह की समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है, बल्कि आने वाले समय में पर्यटन, निवेश और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की संभावनाओं को भी मजबूत करता है। आईआईटीएफ 2025 में मिले ये पुरस्कार अंडमान तथा निकोबार प्रशासन के नवाचार, गुणवत्ता और सतत विकास के प्रति समर्पण का प्रमाण हैं, जिसने एक बार फिर द्वीपसमूह को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है।