श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सांसद बिष्णु पद रे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा से अपील की है कि वे द्वीप समूह के पेंशनरों को केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की सुविधा देने के निर्णय के शीघ्र क्रियान्वयन में हस्तक्षेप करें।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 13 नवम्बर 2023 को जारी अपने कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से सभी केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे अपने पेंशनरों को केंद्रीय पेंशनरों के समान CGHS सुविधाएँ प्रदान करें। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और CGHS प्रभाग द्वारा नामांकन, पंजीकरण, कार्ड वितरण और द्वीप समूह में वेलनेस सेंटर स्थापित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सांसद बिष्णु पद रे ने कहा कि इस देरी के कारण पेंशनरों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। द्वीपों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की कमी पहले से ही गंभीर समस्या है। CGHS कार्ड न मिलने के कारण पेंशनर मुख्य भूमि पर इलाज कराने जाते समय उन लाभों से वंचित रह जाते हैं, जो भारत सरकार द्वारा पहले ही स्वीकृत हैं।
सांसद ने उल्लेख किया कि अंडमान और निकोबार सरकारी पेंशनर्स एसोसिएशन ने 17 फरवरी 2025 को इस विषय पर विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया था, लेकिन उस पर केवल अग्रेषण के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों को भेजे गए अपने पत्र में सांसद ने चार मुख्य कदम उठाने की अपील की है: पात्र पेंशनरों का CGHS के अंतर्गत पंजीकरण, कार्ड का समयबद्ध वितरण, द्वीप समूह में CGHS वेलनेस सेंटर या डिस्पेंसरी की स्थापना, और मंत्रालय के 2023 के निर्देशों का पूर्ण कार्यान्वयन। सांसद ने कहा कि समय पर कार्रवाई से सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की स्वास्थ्य समस्याओं में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इस मामले को प्राथमिकता देने की अपील की, क्योंकि यह सीधे तौर पर द्वीप समूह के वृद्ध पेंशनरों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ा हुआ है।