

सत्र के बीच बदलाव से छात्र और अभिभावक असमंजस में
पुडुचेरी विश्वविद्यालय की संबद्धता में हुआ था प्रवेश : छात्र
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान लॉ कॉलेज के बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय से संबद्धता में अचानक बदलाव और कई लंबित प्रशासनिक मुद्दों को लेकर मंगलवार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के साथ अभिभावक और समर्थक भी शामिल हुए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि उन्हें एक प्रतिष्ठित पुडुचेरी केंद्रीय विश्वविद्यालय की संबद्धता के अंतर्गत प्रवेश दिया गया था, लेकिन सत्र के मध्य में उन्हें सूचित किया गया कि उनका पाठ्यक्रम एक डीम्ड विश्वविद्यालय में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसके बारे में उनका दावा है कि द्वीपों में उसके पास पर्याप्त आधारभूत संरचना और मान्यता का अभाव है। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार संबद्धता परिवर्तन की घोषणा नियमित कक्षा के दौरान अचानक की गई, जिसके लिए न तो कोई पूर्व लिखित सूचना दी गई और न ही छात्रों अथवा अभिभावकों से कोई परामर्श लिया गया। कई प्रथम वर्ष के छात्रों ने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से पुडुचेरी विश्वविद्यालय की पूर्व संबद्धता के कारण इस कॉलेज को चुना था और प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं भी उसी विश्वविद्यालय के अंतर्गत आयोजित की गई थीं। उन्होंने मध्य शैक्षणिक सत्र में इस परिवर्तन पर आश्चर्य और भ्रम व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि आगामी सेमेस्टर की परीक्षाएं किसी अन्य विश्वविद्यालय के अंतर्गत कैसे आयोजित की जा सकती हैं। छात्रों ने बार-बार कॉलेज प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की कि उनकी डिग्री पूर्व संबद्ध पुडुचेरी केंद्रीय विश्वविद्यालय के अंतर्गत ही ली जाये। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक कॉलेज के लेटरहेड पर आधिकारिक पत्र उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और अन्य छात्रों से सड़कों को अवरुद्ध न करने तथा सार्वजनिक आवागमन में बाधा न डालने की अपील की, यह कहते हुए कि उनकी लड़ाई केवल शैक्षणिक स्पष्टता और न्याय के लिए है। कई छात्रों ने संस्थान के भीतर आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक समस्याओं को भी उजागर किया। प्रदर्शन में उपस्थित अभिभावकों ने अपने बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने प्रवेश लेते समय पूर्व संबद्धता पर भरोसा किया था। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि सवाल उठाने से उन्हें हतोत्साहित किया जा रहा है और अपनी आवाज उठाने पर आंतरिक रूप से निशाना बनाए जाने का डर भी जताया। विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्राचार्य ने छात्रों और मीडिया प्रतिनिधियों से संक्षिप्त बातचीत करते हुए कहा कि संबद्धता से जुड़े निर्णय प्रशासन के उच्च स्तर पर लिए जाते हैं और व्यक्तिगत कॉलेज प्राधिकरण द्वारा नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि नीति संबंधी मामलों में वे अंतिम प्राधिकारी नहीं हैं तथा आधिकारिक संचार उचित प्रशासनिक माध्यमों से ही आएगा। हालांकि यह प्रतिक्रिया प्रदर्शनकारी समूह को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर सकी और उन्होंने तत्काल लिखित पुष्टि पर जोर दिया।