

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण को झूठ का पुलिंदा होने का आरोप लगाया है। अभिषेक ने शाह से तृणमूल कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार के प्रदर्शन पर बहस करने की चुनौती दी है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आप मोदी सरकार के 12 वर्षों का अपना रिपोर्ट कार्ड लाइए और मैं दीदी (ममता बनर्जी) सरकार के 14 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड लाऊंगा। तब पता चलेगा कि जनता के लिए किसने अधिक काम किया है। उल्लेखनीय है कि बंगाल की आर्थिक स्थिति और कानून व्यवस्था पर शाह की हालिया टिप्पणी का अभिषेक ने खंडन किया। शाह के इस दावे पर कि बंगाल पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, तृणमूल सांसद ने केंद्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “2014 में नरेन्द्र मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले देश का कर्ज 56 लाख करोड़ रुपये था। आज यह बढ़कर 197 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा, “गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल में पैदा होने वाले एक बच्चे पर 77,000 रुपये का कर्ज है। लेकिन सच्चाई यह है कि मोदी सरकार के शासन में भारत में पैदा होने वाले हर बच्चे पर 1.44 लाख रुपये का कर्ज है। मैं केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह मुझे गलत साबित करे या लोगों से माफी मांगे।” अभिषेक बनर्जी ने अपनी चुनावी जीत की तुलना केंद्रीय गृह मंत्री के बेटे जय शाह के उदय से की। उन्होंने कहा, मैंने जनता की अग्नि-परीक्षा तीन बार झेली है और 71,000, 3.22 लाख और 7.11 लाख मतों के अंतर से जीत हासिल की है। मैं अमित शाह से पूछना चाहता हूं कि उनके बेटे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का अध्यक्ष बनने के लिए कौन सी अग्नि-परीक्षा दी थी?
उनकी यात्राएं केवल दिखावा... अभिषेक बनर्जी ने भाजपा की यात्राओं को केवल और केवल दिखावा होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह भाजपा की रथ यात्रा का उद्घाटन करने यहां आए थे लेकिन यात्रा की हालत ऐसी है कि उनका विसर्जन हो चुका है। गाड़ी में ड्राइवर और तीन-चार लोगों के अलावा उनका उत्साह बढ़ाने वाला कोई नहीं है। वे बंगाल में 'सिर्फ़ दिखावा' करने आए थे, लेकिन लगता है असली 'सिर्फ़ दिखावा' उनकी रैलियों में हो चुका है।
महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा शासित राज्यों पर साधा निशाना
एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए अभिषेक बनर्जी ने महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा शासित राज्यों पर भी निशाना साधा। नवीनतम रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि बलात्कार और दहेज हत्या सहित महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सबसे ऊपर हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार भाजपा की ‘‘डबल-इंजन’’ सरकारों को जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले नगर दिल्ली में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या अधिक है।