

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार बंगाल दौरा कर रहे हैं। बुधवार को वह फिर से बंगाल पहुंचे। उन्होंने मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय का दौरा किया और एक कार्यक्रम में शामिल हुए। शाह कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां से वह हेलीकॉप्टर से नदिया जिले के लिए कृष्णानगर रवाना हुए और वहां से मायापुर में अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) मुख्यालय पहुंचे।
मायापुर में श्रील भक्ति सिद्धांत सरस्वती ठाकुर जी की 152वीं जयंती मनाई जा रही है। शाह इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा, "आज, जब हम दुनिया भर में फैल रहे इस्कॉन के बड़े आंदोलन को देख रहे हैं, तो यह भक्तिवेदांत प्रभुपाद और उनकी प्रेरणा, भक्तिसिद्धांत प्रभुपाद के जीवन का कर्म है कि इस्कॉन पूरी दुनिया में सनातन धर्म का संदेश फैला रहा है। मतुआ समुदाय ने भी लगातार समाज कल्याण का बीड़ा उठाया है। इस्कॉन ने सभी को गीता के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया है और गीता आंदोलन को बनाए रखा है। इसलिए, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्षों या मंत्रियों को, जब वे भारत आते हैं, तो एक गीता तोहफे में देते हैं..."
उन्होंने इस्कॉन की प्रशंसा करते हुए आगे कहा, "इस्कॉन इंसानियत की सेवा में अहम भूमिका निभा रहा है, चाहे वह मुसीबत के समय राहत कैंप के जरिए हो या गरीबों की सेवा करके।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदू अधिकारी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। अधिकारी ने 'एक्स' पर कहा, ‘‘हम साथ में हेलीकॉप्टर से कृष्णानगर के लिए रवाना हुए और मायापुर में निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल हुए, जिसमें इस्कॉन का दौरा भी शामिल था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में भ्रष्ट और राष्ट्र विरोधी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को सत्ता से हटाकर राष्ट्रवादी सरकार बनाने के हमारे प्रयास में ऐसे ऊर्जावान नेतृत्व का होना हमेशा प्रेरणादायक होता है।’’
शाह पिछले एक महीने के भीतर दूसरी बार राज्य का दौरा कर रहे हैं। इस संक्षिप्त यात्रा के दौरान उनका कोई राजनीतिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है।
गौरतलब है कि अमित शाह के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी पिछले दिनों बंगाल का दौरा कर के गये। भाजपा ने इस बार तृणमूल कांग्रेस को सत्ता संघर्ष में हराने के लिए व्यापक तैयारी शुरू की है।