

लंदन: India ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। साथ ही भारत ने मौजूदा तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है।
यह बयान International Maritime Organization (आईएमओ) की 36वीं विशेष बैठक में भारत के उच्चायुक्त Vikram Doraiswamy ने दिया। डोराइसवामी ने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने Strait of Hormuz में पैदा हो रही बाधाओं पर गहरी चिंता जताई, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है।
दरअसल, Iran और United States के बीच जारी तनाव और संघर्ष के चलते इस अहम समुद्री मार्ग पर असर पड़ा है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ गई है।
भारत ने साफ कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक समुद्री ढांचे पर हमले न केवल खतरनाक हैं, बल्कि इससे निर्दोष लोगों की जान जा रही है और नाविकों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। डोराइसवामी ने यह भी बताया कि भारत दुनिया के शीर्ष तीन समुद्री कर्मी आपूर्ति करने वाले देशों में शामिल है और वैश्विक समुद्री कार्यबल का लगभग 13 प्रतिशत भारतीय हैं। ऐसे में भारत के लिए नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस संकट का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से, बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाए।