कश्मीर भारत-पाक का मामला, दखल देने में हमारी कोई रुचि नहीं : अमेरिका

लेकिन अगर सहयोग मांगा जाता है तो हम मदद को तैयार : ट्रंप प्रशासन
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ट्रंप की अब कश्मीर मसले में रुचि नहीं!
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न्यूयॉर्क : अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का ‘सीधा मुद्दा’ है और अमेरिका की इस मामले में दक्षिण एशिया के दो पड़ोसियों के बीच दखल देने में कोई रुचि नहीं है। अमेरिका की दीर्घकालिक नीति यह रही है कि यह मसला केवल भारत और पाकिस्तान के बीच ही सुलझाया जाना चाहिए हालांकि अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि अमेरिका से किसी मुद्दे पर सहयोग मांगा जाता है तो वह मदद के लिए तैयार है।

डोनाल्ड ट्रंप के सामने ‘पर्याप्त मसले’

विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ‘पर्याप्त मसले’ हैं और हम इसे (कश्मीर मुद्दे को) भारत और पाकिस्तान पर छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें भारत और पाकिस्तान के बीच दखल देने में कोई रुचि नहीं है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका है हालांकि विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह सच है कि अमेरिका उस संकट में शामिल था और उसने निश्चित रूप से युद्ध विराम कराने में मदद की थी।

केवल अंतरिम युद्धविराम में मदद कर सकता है अमेरिका

उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल अंतरिम तौर पर युद्धविराम में मदद कर सकता है लेकिन यह पाकिस्तान द्वारा उत्पन्न संकट का स्थायी समाधान नहीं है। भारत का कहना है कि आतंकवाद और सीमा पार हमलों जैसे गंभीर मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय बातचीत ही होनी चाहिए। भारत किसी तीसरे पक्ष को शामिल नहीं करना चाहता क्योंकि पाकिस्तान अक्सर बहाने बनाकर मामलों में उलझाव पैदा करता है।

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