अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने वाले 6 TMC पार्षदों के घरों पर हमले का आरोप

गोलीबारी और बमबारी की भी शिकायत
Allegations of attack on the homes of 6 TMC councillors who did not sign the no-confidence motion
फाइल फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगाँव, उत्तर 24 परगना: बनगाँव नगरपालिका के चेयरमैन गोपाल सेठ के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की राजनीतिक खींचतान अब भीषण हिंसा में बदल गई है। बुधवार को जहाँ 9 पार्षदों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जमा किया, वहीं उसी रात 6 TMC पार्षदों के घरों को निशाना बनाते हुए हमला, गोलीबारी और बमबारी की गई।

पार्षदों ने लगाया बदले की कार्रवाई का आरोप

पीड़ित पार्षदों ने साफ़ तौर पर आरोप लगाया है कि यह हमला चेयरमैन के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के कारण करवाया गया है। इस हमले के बाद सभी पार्षद और उनके परिवार गहरे आतंक में हैं।

  • पीड़ित पार्षद शिखा घोष ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि सैकड़ों बदमाशों ने संगठित होकर उनके घर पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया, "हमें ज़िला पार्टी कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। रात में मेरे घर पर हमला इसी कारण हुआ।"

अविश्वास प्रस्ताव की पृष्ठभूमि

बनगाँव नगरपालिका में संकट तब शुरू हुआ जब TMC नेतृत्व ने चेयरमैन गोपाल सेठ को अपने पद से इस्तीफा देने का निर्देश दिया।

  • गोपाल सेठ ने हालांकि बीमारी का हवाला देते हुए इस्तीफा नहीं दिया और अस्थायी रूप से सुरजीत दास को जिम्मेदारी सौंप दी।

  • इसके बाद, चेयरमैन के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 22 पार्षदों में से 15 ने बैठक की।

  • इस बैठक में, 6 पार्षदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, जिससे अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास बाधित हुआ।

  • अंततः, पार्टी के फैसले के अनुसार, 9 पार्षदों ने गोपाल सेठ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जमा कर दिया।

🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप

हमले की घटना के बाद, राज्यसभा सांसद ममताबाला ठाकुर ने प्रभावित पार्षदों का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि "बाहर से गुंडों को लाकर बनगाँव में अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।" उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर, बनगाँव ज़िला TMC अध्यक्ष विश्वजीत दास ने पार्षदों के आरोपों का खंडन किया है। उनके इस खंडन के बावजूद, पार्षदों द्वारा जिला नेतृत्व पर सीधा आरोप लगाना यह दर्शाता है कि यह हिंसा TMC की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम है, जिसने अब एक हिंसक मोड़ ले लिया है, जिससे नगरपालिका में राजनीतिक अस्थिरता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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