कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत में आयोजित AI समिट को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि जो सम्मेलन दुनिया के सामने भारत की डिजिटल और AI ताकत का शोकेस बन सकता था, वह अब सरकार की बदइंतजामी और अराजकता का प्रतीक बन गया है। खड़गे का आरोप है कि प्रधानमंत्री के पहले ही दिन केवल फोटो अवसर के लिए अचानक पहुंचने से पूरे आयोजन में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने कहा कि संस्थापक, प्रदर्शक और हजारों विज़िटर भारी परेशानी में हैं।
खाने-पानी से लेकर चोरी तक, हर तरफ संकट
खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शकों को न भोजन मिला, न पानी। कई जगह उनके उत्पाद चोरी हो गए। सरकार की बहुप्रचारित ‘डिजी यात्रा’ व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। इतना ही नहीं, लैपटॉप, निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और यहां तक कि बैग तक प्रतिबंधित कर दिए गए। डिजिटल भारत का दावा करने वाली सरकार के आयोजन में UPI की जगह सिर्फ नकद भुगतान स्वीकार किया गया।
भारी फीस, लेकिन बुनियादी सुविधाएं गायब
खड़गे ने कहा कि स्टार्टअप संस्थापकों से मोटी रकम तो वसूली गई, लेकिन बदले में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी गईं। उन्होंने इसे भारत के लिए वैश्विक शर्मिंदगी करार देते हुए कहा कि सरकार की अक्षमता ने देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
मोदी सरकार को BTS से सीख लेने की सलाह
खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार को बेंगलुरु टेक समिट (BTS) जैसे आयोजनों से सीख लेनी चाहिए, जो हर साल बड़े स्तर पर डिजिटल और तकनीकी सम्मेलनों को सफलतापूर्वक आयोजित करता है।