चुनाव से पहले भाजपा को झटका, बागी विधायक ने थामा तृणमूल का हाथ

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बागी विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। राज्य की कुर्सियांग विधानसभा सीट से विधायक शर्मा यहां तृणमूल कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए।
तृणमूल के दो वरिष्ठ नेताओं के हाथों बिष्णु प्रसाद शर्मा ने थामा टीएमसी का झंडा।
तृणमूल के दो वरिष्ठ नेताओं के हाथों बिष्णु प्रसाद शर्मा ने थामा टीएमसी का झंडा।
Published on

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बागी विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। राज्य की कुर्सियांग विधानसभा सीट से विधायक शर्मा यहां तृणमूल कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए। शिक्षा मंत्री ब्रात्या बसु और उद्योग मंत्री शशि पांजा ने तृणमूल कांग्रेस में उनका स्वागत किया।

शर्मा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘‘विकास मॉडल’’ के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे मेरे गोरखा भाइयों और बहनों ने चुना था, लेकिन मैं उनके लिए काम नहीं कर पाया। भाजपा ने वादे तो किए लेकिन कुछ नहीं किया। जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ।’’

शर्मा ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग का यह कहते हुए समर्थन किया था कि दार्जिलिंग पहाड़ियों पर अधिक ध्यान देने और विकास की आवश्यकता है। उन्होंने यह दावा करते हुए भाजपा के प्रति कई बार असंतोष व्यक्त किया था कि क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के आश्वासन के बावजूद, पार्टी जमीनी स्तर पर अपना वादा निभाने में विफल रही।

शर्मा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में दार्जिलिंग सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो पाये थे और भाजपा के राजू बिस्ता ने सीट बरकरार रखी थी। इस बीच विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने दावा किया कि शर्मा का अपने निर्वाचन क्षेत्र में कोई जनाधार नहीं है और वह लंबे समय से पार्टी के संपर्क में नहीं हैं।घोष ने कहा, ‘‘उनके तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पर्वतीय क्षेत्रों में भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’’

पश्चिम बंगाल में 294-सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अगले दो महीनों में होने की संभावना है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मई में समाप्त होगा।

तृणमूल के दो वरिष्ठ नेताओं के हाथों बिष्णु प्रसाद शर्मा ने थामा टीएमसी का झंडा।
मोदी ने श्री रामकृष्ण के लिए ‘स्वामी’ शब्द का प्रयोग किया तो ममता ने क्यों की आलोचना?

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in