

नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और जापानी संगठनों ‘फाउंडेशन फॉर सोशल कंट्रीब्यूशन’ तथा ‘निप्पॉन कैगी’ ने भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर विचार करने के संबंध में सहमति जताई है। शनिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे और ‘निप्पॉन कैगी’ के अध्यक्ष तोमोहिको तानिगुची ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली स्थित RSS कार्यालय केशव कुंज में संगठन के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले से मुलाकात की। बैठक में भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। इसमें दोनों देशों के सभ्यतागत संबंधों, सांस्कृतिक सहयोग और लोगों को केंद्र में रखकर की जाने वाली पहल पर विशेष जोर दिया गया।
बयान में कहा गया कि ‘फाउंडेशन फॉर सोशल कंट्रीब्यूशन’ की अध्यक्ष अकी आबे और तानिगुची ने होसबाले के साथ एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की जिससे दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क और सहयोग बढ़ाने में साझा रुचि का पता चलता है। बयान के अनुसार, आबे और होसबाले इन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। इससे पहले, बृहस्पतिवार को अकी आबे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। मोदी ने शिंजो आबे को अपना प्रिय मित्र और दूरदर्शी नेता बताया, जिन्होंने भारत-जापान संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में शिंजो आबे स्मृति गलियारे का उद्घाटन भारत-जापान की मित्रता में दिवंगत जापानी प्रधानमंत्री के योगदान के प्रति उचित श्रद्धांजलि है। अकी आबे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में इस स्मृति गलियारे का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। शिंजो आबे का जन्म 21 सितंबर 1954 को हुआ था। आठ जुलाई 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी।