

मुंबईः महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बारामती में हुए विमान हादसे की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस ने 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में हुई दुर्घटना के बाद दर्ज आकस्मिक मौत के मामले में सीआईडी जांच के संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने बताया, ‘‘पुणे ग्रामीण पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है और इसे सीआईडी को स्थानांतरित कर दिया गया है।’’ एक निजी विमान में सवार पवार (66) और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह बारामती में हवाई पट्टी के नजदीक हुए हादसे में मौत हो गई थी।
दुर्घटना को लेकर कई सिद्धांत आए सामने
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने भी दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में महत्वपूर्ण दुर्घटनाग्रस्त का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। इस हादसे की वजह क्या थी, लेकिन इस विमान दुर्घटना के कई वीडियो और चश्मदीदों के बयान सामने आ रहे हैं। इससे कई बातें उभर कर सामने आ रही हैं। अलग-अलग लोग विमान की दुर्घटना को लेकर अलग-अलग कहानी गढ़ रहे हैं।
दुर्घटना के दिन ही सरकार ने साफ कर दिया था कि विमान के उतरने के समय कोहरा था। पहली बार एटीएस से पायलट का संपर्क होने पर उसने कहा था कि रनवे नहीं दिख रहा है। वहीं कुछ लोग विमान हादसे को लेकर साजिश की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं। इनमें पहली पंक्ति में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हादसे की जांच कराने की मांग की है।
जांच टीम घटनास्थल का दौरा करेगी
इस घटना में मारे गए अन्य लोगों में कैप्टन सुमित कपूर शामिल थे, जिन्हें 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था और सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक को 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था। विमान में सवार लोगों में पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली भी शामिल थीं। अधिकारी ने बताया कि सीआईडी कर्मियों की एक टीम ने अपना काम शुरू कर दिया है और वे पुणे ग्रामीण पुलिस से संबंधित दस्तावेज एकत्र करेंगे। उन्होंने बताया कि टीम बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनास्थल का भी दौरा करेगी।
उन्होंने कहा कि पवार के मुंबई से बारामती की यात्रा शुरू करने से पहले विमान में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की आशंका के मद्देनजर भी जांच की जा रही है।