प्याज-चीनी के बाद अब सब्जियों ने बढ़ाई रसोई की बजट

बारिश से सब्जियों की सप्लाई घटी, बढ़े बाजार भाव
प्याज-चीनी के बाद अब सब्जियों ने बढ़ाई रसोई की बजट
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर के बाजारों में इस समय रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। प्याज और चीनी के बाद अब हरी सब्जियों की कीमतों में बेतहाशा उछाल आ गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है। दक्षिण बंगाल के खेती वाले इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने खेतों को जलमग्न कर दिया है, जिसका सीधा असर फसलों की पैदावार और उनकी आवाजाही पर पड़ा है। पिछले 10 दिनों के भीतर ही खुदरा बाजारों में सब्जियों के दाम 17 से 100% तक बढ़ चुके हैं, जिससे त्योहारी सीजन की रौनक फीकी पड़ने लगी है। खेतों में पानी भर जाने के कारण जो सब्जियां किसी तरह निकलकर बाजार तक पहुंच भी रही हैं, उनकी क्वालिटी बेहद खराब है।

महंगे माल के साथ बढ़ा दुकानदारों का नुकसान

बाजार के जानकारों का मानना है कि कई रिटेलर इस आपदा को अवसर में बदलकर अपना प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने में लगे हुए हैं। हालांकि एन्फोर्समेंट ब्रांच की टीमें लगातार बाजारों में औचक निरीक्षण और छापेमारी कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कीमतों पर लगाम कसना नामुमकिन साबित हो रहा है। सप्लाई कम होने और मांग ज्यादा होने के कारण बिचौलिए इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं होता और खेतों से नया तथा ताजा माल बाजारों में नहीं उतरता, तब तक आम जनता को इस मंहगाई के दलदल से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। टॉलिगंज बाजार के एक स्थानीय विक्रेता अशोक साव ने इस संकट की असल तस्वीर बयां करते हुए कहा कि उन्हें सामान्य दिनों के मुकाबले इन दिनों भारी मात्रा में सड़ा हुआ स्टॉक कचरे में फेंकना पड़ रहा है। ग्राहक केवल बढ़ती हुई कीमतें देखकर दुकानदारों को कोसते हैं, लेकिन कोई यह नहीं देखता कि इस सड़े हुए माल का नुकसान आखिरकार वेंडर्स को ही उठाना पड़ रहा है।

एक नजर सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर

नाम - पहले - अब

पटल 30-40 - 50-60

करेला 40-50 - 60-80

खीरा 40-50 - 60-80

बैंगन 40-50 - 60-80

तुरई 40-50 - 60-80

भिंडी 30-40 - 50-60

टमाटर 30-40 - 50-60

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