

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बनगांव : उत्तर 24 परगना जिले में निपाह वायरस (Nipah Virus) को लेकर स्वास्थ्य विभाग के हाई अलर्ट और दो नर्सों के संक्रमित होने की खबरों के बीच अब बनगांव का घाटबाओर इलाका चर्चा के केंद्र में है। मध्यमग्राम के बादुड़तल्ला की तरह ही बनगांव-बागदा सड़क के किनारे स्थित घाटबाओर में पिछले 30 वर्षों से सैकड़ों चमगादड़ों का बसेरा प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए सिरदर्द बन गया है। घाटबाओर इलाके में एक विशाल बरगद का पेड़ और उसके आसपास के अन्य पेड़ बीते तीन दशकों से चमगादड़ों का स्थायी ठिकाना बने हुए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ये जीव दिन भर पेड़ों से लटके रहते हैं और शाम होते ही भोजन की तलाश में निकल पड़ते हैं। हालांकि, स्थानीय लोग अब तक इनके साथ शांति से रहते आए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की हालिया चेतावनी ने इस स्थिति को संवेदनशील बना दिया है। जहां एक तरफ स्वास्थ्य विभाग निपाह वायरस के प्रति सतर्क रहने की अपील कर रहा है, वहीं घाटबाओर के निवासियों में डर का अभाव दिख रहा है। आरोप है कि कई लोग बेफिक्री में उस पेड़ के नीचे ही बैठकर काम कर रहे हैं। लोगों की घरों की छत चमगादड़ों के उत्सर्जन से गंदी हो जाती है, जिसे वे साफ कर लेते हैं, लेकिन उन्हें भगाने का विचार नहीं रखते।
निवासियों के शारीरिक लक्षणों पर स्वास्थ्य कर्मी रख रहे नजर
वहीं बनगांव के विधायक विश्वजीत दास ने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग और नगरपालिका प्रशासन घाटबाओर जैसे इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान चला रहे हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि भले ही ये चमगादड़ सीधे तौर पर हमला न करें, लेकिन इनकी मौजूदगी वायरस के प्रसार का बड़ा स्रोत है। यही कारण है कि माइकिंग कर जहां लोगों को सतर्क किया जा रहा है वहीं इलाके में रहने वालों के स्वास्थ्य और बीमारियों के लक्षण को भी ध्यान में रखा गया है ताकि स्थिति किसी भी तरह से नहीं बिगड़े। प्रशासन अब घाटबाओर में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।