कौन हैं ग्रासा माशेल, जिन्हें दिया जाएगा इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार?

प्रतिष्ठित अफ्रीकी नेता ग्रासा माशेल को 2025 के ‘इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार’ के लिए चुना गया है।
कौन हैं ग्रासा माशेल, जिन्हें दिया जाएगा इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार?
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नई दिल्लीः प्रतिष्ठित अफ्रीकी नेता ग्रासा माशेल को 2025 के ‘इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार’ के लिए चुना गया है। कांग्रेस से संबद्ध संस्था ‘इंदिरा गांधी स्मारक न्यास’ ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन की अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि 2025 का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रासा माशेल को प्रदान किया जा रहा है। वह एक प्रतिष्ठित अफ्रीकी राजनेता, नेता और मानवतावादी हैं जिनका जीवन स्वशासन एवं मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा है।’

न्यास के मुताबिक, महिला एवं बाल अधिकारों की पैरोकार ग्रासा माशेल ने वंचित समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने और सभी के लिए अधिक न्यायपूर्ण एवं समान समाज के निर्माण हेतु अपना जीवन समर्पित किया है।

‘इंदिरा गांधी स्मारक न्यास’ द्वारा ‘इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार’ प्रति वर्ष विश्व के किसी ऐसे व्यक्ति या संस्था को प्रदान किया जाता है जिसने समाज सेवा, निरस्त्रीकरण या विकास के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। पुरस्कार के तहत 25 लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

कौन हैं ग्रासा माशेल

17 अक्टूबर, 1945 को जन्मीं ग्रासा 1975 से 1986 तक मोजाम्बिक के पहले राष्ट्रपति समोरा माशेल की पत्नी थीं। उन्होंने बाद में 1998 में दक्षिण अफ्रीका के तत्कालीन राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला से विवाह किया। वह मोजाम्बिक की स्वतंत्रता के बाद 1975 से 1989 तक शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री रहीं, जहां उन्होंने साक्षरता दर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

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