अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती 'उत्पीड़न' मामला, मुख्य आरोपी समेत तीन फिर जेल भेजे गए

दर्ज होगा गोपनीय बयान
Actress Mimi Chakraborty 'harassment' case: Three people, including the main accused, sent back to jail.
फाइल फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव : अभिनेत्री और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और पुलिस के साथ हाथापाई के मामले में बोनगाँव अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। प्रथम चरण की जेल हिरासत समाप्त होने के बाद मुख्य आरोपी तनय शास्त्री समेत तीन युवकों को फिर से अदालत में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें पुनः चार दिनों की जेल हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी।

क्या है पूरा विवाद?

मामले की शुरुआत बोनगाँव के नया गोपालगंज स्थित एक क्लब के वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई। अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती वहां मुख्य कलाकार के रूप में आमंत्रित थीं। आरोप है कि उनके केवल तीन गाने पूरे होने के बाद क्लब के सलाहकार तनय शास्त्री ने अचानक कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कर दी और अभिनेत्री को मंच से उतरने को कहा। हालांकि क्लब सदस्यों का दावा है कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के मद्देनजर रात 12 बजे तक ही लाउडस्पीकर की अनुमति थी। चूंकि मिमी रात 11:45 बजे मंच पर आईं, इसलिए समय की पाबंदी के कारण कार्यक्रम रोकना पड़ा। उनका कहना है कि अभिनेत्री का कोई अपमान नहीं किया गया।

पुलिस के साथ झड़प और गिरफ्तारी

मिमी चक्रवर्ती ने इस घटना के बाद ईमेल के जरिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जब पुलिस तनय शास्त्री को हिरासत में लेने पहुंची, तो स्थानीय लोगों और क्लब सदस्यों ने भारी विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस और जनता के बीच तीखी हाथापाई हुई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मियों पर हमले के आरोप में तनय शास्त्री, सौरव दास और बाप्पा प्रमाणिक को गिरफ्तार कर लिया।

अदालती कार्यवाही और कानूनी धाराएं

बनगांव अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद तारिक फिरदौस के समक्ष दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। बचाव पक्ष के वकीलों ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए जमानत मांगी, वहीं पुलिस ने आगे की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत और सर्च वारंट की मांग की। अदालत ने पुलिस की केस डायरी और 'इंजरी रिपोर्ट' (जिसमें दो पुलिसकर्मियों को मामूली चोट की बात कही गई है) का संज्ञान लिया।

अधिवक्ता दीप्तिमय दत्त ने बताया कि आरोपियों पर पुलिस को चोट पहुँचाने और सरकारी काम में बाधा डालने समेत कुल 9 धाराएं लगाई गई हैं। साथ ही, न्यायाधीश ने पुलिस को निर्देश दिया है कि 6 फरवरी तक अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती का 'गोपनीय बयान' (164 के तहत) दर्ज किया जाए। फिलहाल, आरोपियों को राहत नहीं मिली है और उन्हें सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

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