

कोलकाता : विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस को गुरुवार को एक और बड़ा झटका लगा। पार्टी की राज्यसभा सांसद और बंगाली फिल्म अभिनेत्री कोयल मल्लिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया, हालांकि उनके भाजपा में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मार्च 2026 में तृणमूल ने पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक को राज्यसभा भेजा था। नामांकन से पहले अभिषेक बनर्जी 'मल्लिक परिवार' के घर पहुंचे थे।
6 अप्रैल को शपथ लेने के बाद कोयल ने कहा था कि राज्यसभा पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है और देश व जनता की सेवा से बड़ा कोई दायित्व नहीं हो सकता लेकिन महज तीन महीने बाद उन्होंने उसी पद से इस्तीफा दे दिया। इस पर उन्होंने न तो मीडिया से बात की और न ही इस्तीफे में कोई कारण बताया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि से दूर रहने वाली कोयल के पिता और वरिष्ठ अभिनेता रंजीत मल्लिक को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। कोयल के इस्तीफे के साथ ही राज्यसभा में तृणमूल की संख्या 13 से घटकर 9 रह गई। पार्टी पहले से ही बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है।
कई सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 65 से अधिक विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस बीच, ममता बनर्जी ने पार्टी सांसद तथा राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि वह तमाम मामलों के बावजूद बाघ की तरह लड़ रहे हैं।