केशपुर में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई होगी : शुभेंदु अधिकारी

केशपुर में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई होगी : शुभेंदु अधिकारी
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केशपुर : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया है कि भाजपा का समर्थन करने के कारण उत्पीड़न झेलने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज पुराने और कथित रूप से राजनीति से प्रेरित झूठे मामलों को वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने उनलोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा, जिन्होंने अतीत में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीतिक गतिविधियों में बाधा डाली थी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान ‘नरेन्द्र मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाने पर स्थानीय लोगों को प्रशासनिक दबाव और पुलिस उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) पापिया सुल्ताना को संबंधित लोगों के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं एसपी से कह रहा हूं कि उन फाइलों को फिर से खोला जाए, ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान हमारी पार्टी की एक राजनीतिक सभा में मेरे खिलाफ आंदोलन करने वालों की पहचान की जा सके। मैं उन्हें सलाखों के पीछे देखना चाहता हूं।’’

वह केशपुर में पिछले चुनावों के दौरान भाजपा की सभाओं और रैलियों को रोकने तथा बाधित करने की घटनाओं का उल्लेख कर रहे थे। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर क्षेत्र के मोहबनी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके जर्जर पैतृक आवास के जीर्णोद्धार और विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए मोहबनी विकास बोर्ड को शुरुआती तौर पर पांच करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की और जिला मजिस्ट्रेट को एक वर्ष के भीतर जीर्णोद्धार कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘केशपुर बम और गोलियों की आवाज का पर्याय बन गया है। यह इलाका अब झूठे मुकदमों, हिंसा, एकदलीय व्यवस्था, भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में ‘कट-मनी’ का प्रतीक बन चुका है। यह सब बंद होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस की वीर विरासत के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि अविभाजित मेदिनीपुर के स्वतंत्रता सेनानियों, जिसमें खुदीराम बोस और मातंगिनी हाजरा जैसी महान हस्तियां शामिल थीं, को वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस की सरकारों के दौरान पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उचित सम्मान दिलाएगी।

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