

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
रामपुरहाट : तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी आज मंगलवार को बीरभूम पहुंचेंगे। यहां उनकी एक सभा भी होगी। वहीं अभिषेक बनर्जी सोनाली खातून से भी मिलेंगे तथा उन्हें शुभकामनाएं देंगे। बीरभूम की निर्वासित प्रवासी श्रमिक सोनाली खातून ने सोमवार सुबह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सोनाली को पांच दिसंबर को उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद बांग्लादेश से वापस लाया गया था। सोनाली के मां बनने पर प्रतिक्रिया देते हुए, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने खुशी व्यक्त की और इस घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार द्वारा सत्ता के चौंकाने वाले दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत बताया।
अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सोनाली के लिए जतायी प्रसन्नता
अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘यह जानकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई कि सोनाली खातून ने बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज में एक बच्चे को जन्म दिया है। उनके साथ हुए अन्याय के मद्देनजर यह खुशी का क्षण और भी अधिक गहरा अर्थ रखता है। सत्ता के घोर दुरुपयोग में, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार द्वारा उन्हें झूठे तौर पर बांग्लादेशी बताकर जबरन बांग्लादेश भेज दिया गया।’ तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह मंगलवार को अस्पताल में सोनाली से मिलकर मां और उसके नवजात शिशु को अपनी शुभकामनाएं देंगे। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘उनका यह कष्टपूर्ण अनुभव गरिमा का घोर उल्लंघन था, जिसे किसी भी नागरिक, विशेषकर गर्भवती मां को, सहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इन सब के बावजूद सोनाली ने असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। यह मानवता की जीत है।’ तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य समीरुल इस्लाम ने अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत के बाद बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों की हालत स्थिर है। इस्लाम ने कहा ‘मैंने अस्पताल के डॉक्टरों से बात की। उन्होंने मुझे बताया है कि मां और शिशु दोनों की हालत स्थिर है और वे ठीक हैं।’
कौन है सोनाली
मुरारई में सोनाली को पिछले साल जून में बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें पड़ोसी देश में भेज दिया गया था। जिस समय सोनाली को बांग्लादेश भेजा गया था, वह गर्भवती थीं। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद, सोनाली को पिछले महीने उनके नाबालिग बेटे साबिर के साथ मालदह सीमा के रास्ते भारत वापस लाया गया। बांग्लादेश में, सोनाली और उनके बेटे एवं पति दानेश समेत पांच अन्य लोगों को संदिग्ध घुसपैठिया मानते हुए 20 अगस्त से चपाई नवाबगंज सुधार गृह में रखा गया। एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें एक दिसंबर को जमानत दे दी। उच्चतम न्यायालय में मुकदमे के बीच दानेश और स्वीटी बीबी के परिवार के तीन सदस्यों को अभी तक वापस नहीं लाया जा सका है।