‘नई इंडिया में दुख दर्द पर भी टैग’ अभिषेक ने वित्त मंत्री पर कसा तंज

गरीबों की जिंदगी पर जीएसटी का बोझ, अभिषेक ने की आलोचना
‘नई इंडिया में दुख दर्द पर भी टैग’ अभिषेक ने वित्त मंत्री पर कसा तंज
Published on

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने जीएसटी को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तीखा हमला बोला है। बुधवार लोकसभा में सीतारमण की जवाबी भाषण के मद्देनज़र गुरुवार को अपने एक्स हैंडल में पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वह उनके भाषण को ध्यान से सुनने के लिए वित्त मंत्री का धन्यवाद करते हैं, लेकिन काश वह बंगाल के लोगों की मनरेगा, पीएम आवास, पीएमजीएसवाई और जल जीवन मिशन की बकाया राशि की मांग भी उतनी ही गंभीरता से सुनतीं।

वित्त मंत्री के “तथ्यों को तोड़-मरोड़ने” के आरोप पर पलटवार करते हुए अभिषेक ने कहा कि कागजों में भले ही ताजा दूध, पाठ्यपुस्तकें और इलाज पर जीएसटी न हो, लेकिन गरीबों की वास्तविक जिंदगी कुछ और कहानी कहती है। उन्होंने कहा कि पाउडर दूध पर 5 प्रतिशत, ग्राफ पेपर, लैब नोटबुक और क्रेयॉन पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जो आम परिवारों पर बोझ है।

स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर पर 12 प्रतिशत, इंसुलिन पर 5 प्रतिशत और एनेस्थीसिया पर 12 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाता है। यहां तक कि अगरबत्ती पर भी 5 प्रतिशत कर है। अभिषेक ने तंज कसते हुए कहा, “नई इंडिया में दुख पर भी टैग लगा है।” उन्होंने कहा कि कानून की किताब और गरीब परिवार के किराने के बिल के बीच का अंतर समझे बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in