

शुभेंदु के मामले में फैसला बना मददगार
जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी को पुलिस उनके खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर के मामलों में गिरफ्तार नहीं कर सकती है। हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मंगलवार को यह आदेश दिया। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जस्टिस भट्टाचार्य ने आदेश दिया है कि भविष्य में विदेश यात्रा के लिए उन्हें कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ेगी।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर, विष्णुपुर और कालीतला थाने में एफआईआर दर्ज की गई हैं। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि बाकी 15 एफआईआर के विषय वस्तु के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और दस्तावेज भी नहीं दिए गए हैं। इसलिए कोर्ट इन मामलों में कोई आदेश नहीं देगा। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अलबत्ता कुछ मामलों में अन्य बेंच से उन्हें सुरक्षा कवच मिला हुआ है। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि गिरफ्तारी नहीं की जाने का आदेश 30 नवंबर तक बना रहेगा। पेटीशनर को जांच में सहयोग करना पड़ेगा। जांच एजेंसी 48 घंटे की नोटिस पर उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है। पिछली सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट गोपाल शंकर नारायण ने यह सवाल उठाया था कि क्या दर्ज की गई सारी एफआईआर एक साथ क्लब नहीं की जा सकतो है। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन विरोधी दल के नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मामले में हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने पर रोक लगाते हुए कहा था कि इस बाबत कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ेगी। हालांकि तब एएजी राजदीप मजूमदार ने इसका विरोध किया था। जस्टिस भट्टाचार्य ने मंगलवार को दिए अपने आदेश में कहा है कि अलग-अलग एफआईआर के लिए अलग-अलग पिटीशन दायर करने का कोई औचित्य नहीं बनता है। इस तरह तो पिटीशनों की कतार लग जाएगी। जस्टिस भट्टाचार्य ने सारी एफआईआर को एक साथ क्लब करके मामला चलाए जाने का आदेश दिया।