कवि बने अभिषेक बनर्जी, SIR मामले पर लिखी कविता

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर अपनी लिखी एक कविता साझा की है।
कवि बने अभिषेक बनर्जी, SIR मामले पर लिखी कविता
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कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक कविता साझा की, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लोगों के कथित उत्पीड़न की आलोचना की गई है।

‘आमी अस्वीकार कोरी’ शीर्षक वाली कविता में एसआईआर प्रक्रिया की देखरेख करने वाले प्रशासनिक ढांचे के खिलाफ असंतोष जाहिर किया गया है, जिसके बारे में तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि इसके चलते आम नागरिकों को असुविधा और परेशानी हुई है।

अभिषेक ने ‘एक्स’ पर बांग्ला में लिखी इस कविता को साझा करते हुए कहा, “मैंने जिंदगियों को बर्बाद करने वाली एक कपटपूर्ण प्रक्रिया के कारण मेरे अंदर मची गहरी उथल-पुथल और इसके कारण लोगों को हुई तकलीफ, दर्द और उनके जायज आक्रोश को एक विनम्र कविता में ढाला है।”

कविता में अभिषेक ने खुद को लोगों की कथित तकलीफों का “गवाह” बताया है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया से कथित तौर पर जुड़े उत्पीड़न और मौतों के मामलों का हवाला दिया है।कविता में संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाने के लिए धारदार भाषा और राजनीतिक चित्रण का इस्तेमाल किया गया है, जो एसआईआर को लेकर पार्टी की आलोचना को प्रतिध्वनित करता है।

तृणमूल नेताओं ने कहा कि अभिषेक की कविता का मकसद आम मतदाताओं की चिंता को उजागर करना और एसआईआर से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रकाश डालना है। राजनीतिक विश्लेषक अभिषेक की कविता को पश्चिम बंगाल में इस साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर प्रक्रिया को जन-केंद्रित मुद्दे के रूप में पेश करने की तृणमूल कांग्रेस की व्यापक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

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