वे न गीता को समझते हैं, न ही श्रीकृष्ण का सम्मान करते हैं : अभिषेक

संवाददाता सम्मेलन में गीता का श्लोक पढ़कर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर कसा तंज
वे न गीता को समझते हैं, न ही श्रीकृष्ण का सम्मान करते हैं : अभिषेक
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गीता पाठ के एक कार्यक्रम में पैटीज विक्रेता से मारपीट की घटना को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला। अपने बयान के दौरान अभिषेक स्वयं ऊंचे स्वर में श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक- 'विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि। शुनि चैव श्वपाके च पण्डिताः समदर्शिनः॥ (५.१८))' -का पाठ करके पूरे विषय को केंद्र में ले आये।

उन्होंने गीता के उस श्लोक का भावार्थ समझाते हुए कहा कि सच्चे ज्ञानी व्यक्ति ब्राह्मण, पशु, हाथी, कुत्ता या चांडाल सभी को समान दृष्टि से देखते हैं, क्योंकि हर जीव में एक ही परमात्मा का वास होता है। अभिषेक ने सवाल उठाया कि जो लोग गीता का संदेश नहीं समझते, श्रीकृष्ण का सम्मान नहीं करते हैं, वे धर्म और भक्ति की बात किस आधार पर करते हैं।

उन्होंने कहा कि आज गीता पाठ के नाम पर हिंसा हो रही है, केवल इसलिए कि कोई चिकन पैटीज बेच रहा था। साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा बंगालियों के खानपान पर की गईं टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या दिल्ली यह तय करेगी कि बंगाल में लोग क्या खाएंगे या बेचेंगे। अभिषेक ने जोर देकर कहा कि धर्म और भक्ति निजी आस्था का विषय है, न कि राजनीति का हथियार।

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