

कोलकाता: विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा में संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने समाज में समान अवसर और समावेशन की आवश्यकता पर जोर देते हुए एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय किसी भी समरस और लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला है।
अभिषेक बनर्जी ने अपने फेसबुक वार्ता में रेखांकित किया कि समाज के हर वर्ग को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए और विकास की प्रक्रिया में किसी को भी पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उनके अनुसार, सामाजिक न्याय केवल एक विचार नहीं है, बल्कि यह एक साझा प्रतिबद्धता है, जो समान अवसर, सम्मान और अधिकार सुनिश्चित करने से ही साकार हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक असमानताओं को दूर करना और हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह न केवल सरकार या संस्थाओं का, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व भी है। अभिषेक बनर्जी ने युवाओं से भी आह्वान किया कि वे न्याय, समानता और संवेदनशीलता के मूल्यों को अपनाएं और इन्हें अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में लागू करें।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्व सामाजिक न्याय दिवस हर वर्ष हमें यह याद दिलाता है कि एक संतुलित और समावेशी समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में किसी के साथ भेदभाव या अन्याय सहन नहीं किया जाना चाहिए और हर व्यक्ति को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना हमारी साझा जिम्मेदारी है।
अभिषेक बनर्जी का यह संदेश विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रेरक है जो सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशन के लिए काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि समाज के हर सदस्य को समान अधिकार और सम्मान मिले, तभी देश का वास्तविक विकास और समरसता संभव है।