वैश्विक संसदीय संवाद में अभिषेक बनर्जी को अहम दायित्व

संसदीय सूत्रों के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने 60 से अधिक देशों के साथ ‘संसदीय मैत्री समूह’ (Parliamentary Friendship Groups) के गठन की घोषणा की है। इन्हीं में से एक समूह के तहत अभिषेक बनर्जी अल्जीरिया के लिए संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
अभिषेक बनर्जी ( फाइल फोटो )
अभिषेक बनर्जी ( फाइल फोटो )
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: राज्य में विधानसभा चुनाव के माहौल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को संसदीय कूटनीति का एक अहम दायित्व दिया गया है। संसदीय सूत्रों के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला ने 60 से अधिक देशों के साथ ‘संसदीय मैत्री समूह’ (Parliamentary Friendship Groups) के गठन की घोषणा की है। इन्हीं में से एक समूह के तहत अभिषेक बनर्जी अल्जीरिया के लिए संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह दूसरा अवसर है जब अभिषेक बनर्जी विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह पहल महाद्वीपों के बीच विधायी संवाद को मजबूत करने और संसद-से-संसद सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे पारंपरिक कूटनीतिक माध्यमों के साथ-साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच सतत संवाद को भी बढ़ावा मिलेगा।

सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस संसदीय मैत्री समूह में अभिषेक बनर्जी के अलावा डेरेक ओ’ब्रायन और काकली घोष दस्तीदार भी शामिल हैं। जिन देशों के साथ ऐसे समूह गठित किए गए हैं, उनमें श्रीलंका, जर्मनी, अमेरिका, रूस, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, यूएई और सऊदी अरब सहित कई प्रमुख राष्ट्र शामिल हैं। यह पहल प्रधानमंत्री की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद की बहुदलीय आउटरीच रणनीति को भी आगे बढ़ाती है, जिसमें राष्ट्रीय हित और सुरक्षा के मुद्दों पर दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुटता का संदेश दिया गया था।

अभिषेक बनर्जी ( फाइल फोटो )
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