अमित शाह से मिलना चाहते हैं अभया के माता-पिता

सीबीआई जांच की सुस्त रफ्तार और भ्रष्टाचार पर जताएंगे नाराजगी !
Abhaya's parents want to meet Amit Shah.
सांकेतिक फोटो REP
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निधि सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता/पानीहाटी : आरजी कर कांड की पीड़िता 'अभया' के माता-पिता ने एक बार फिर न्याय की आस में दिल्ली का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है। ताजा जानकारी के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता ने भारत के गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की इच्छा जाहिर की है। कल, यानी शुक्रवार को अमित शाह बैरकपुर के आनंदपुरी मैदान में एक जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने आ रहे हैं, और इसी दौरान माता-पिता उनसे मिलकर अपनी व्यथा साझा करना चाहते हैं।

सीबीआई की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

सूत्रों के अनुसार, अभया के माता-पिता का मानना है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जिस गति और दिशा में जांच कर रही है, वह संतोषजनक नहीं है। उनका आरोप है कि जांच की प्रक्रिया काफी धीमी है और अभी भी कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ा जाना बाकी है। अमित शाह से मुलाकात के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य सीबीआई पर दबाव बनाना और जांच को और अधिक सक्रिय करने का आग्रह करना है। वे गृह मंत्री को यह बताना चाहते हैं कि एक बेटी को खोने के बाद वे अब केवल दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलते देखना चाहते हैं, जिसमें और देरी उन्हें विचलित कर रही है।

भ्रष्टाचार और तंत्र पर प्रहार

मुलाकात की इस इच्छा के पीछे केवल जांच में तेजी लाना ही एकमात्र कारण नहीं है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के परिजन राज्य की तृणमूल सरकार के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र और प्रशासनिक स्तर पर व्याप्त कथित भ्रष्टाचार के बारे में भी गृह मंत्री को अवगत कराना चाहते हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल के भीतर जिस तरह का माहौल था और जिस तरह की अनियमितताएं थीं, वे भी इस जघन्य अपराध की पृष्ठभूमि का हिस्सा रही हैं। वे चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर तंत्र की खामियों को उजागर करे।

बैरकपुर दौरे पर टिकी नजरें

बैरकपुर में अमित शाह की सभा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस संभावित मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यदि यह मुलाकात होती है, तो यह न केवल इस मामले की जांच को एक नया मोड़ दे सकती है, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में भी एक बड़ा मुद्दा बनेगी।

अभया के परिजनों का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उनकी बेटी के हत्यारों और इस साजिश में शामिल चेहरों का पर्दाफाश नहीं हो जाता। अब देखना यह है कि क्या कल बैरकपुर की धरती पर न्याय की इस पुकार को गृह मंत्री का सीधा साथ मिलता है।

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