A young woman went to Bangladesh in search of her son and had to spend time in jail there.
सांकेतिक फोटो

कहानी थोड़ी फिल्मी है... ढाई साल बाद वतन वापसी पर पति ने दोबारा रचाई शादी

बेटे की तलाश में युवती गयी थी बांग्लादेश, काटनी पड़ी वहां जेल
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बनगांव: किसी बॉलीवुड फिल्म की पटकथा जैसी लगने वाली यह हकीकत उत्तर 24 परगना के बनगांव की है। अपने पहले पति द्वारा ले जाए गए बेटे को ढूंढने बांग्लादेश गई एक भारतीय महिला को वहां की जेल में ढाई साल गुजारने पड़े। सोमवार को जब वह गेदे सीमा के रास्ते भारत लौटी, तो उसके वर्तमान पति की खुशी का ठिकाना न रहा। मिलन के इस भावुक क्षण में दोनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोबारा विवाह के बंधन में बंध गए।

बेटे की चाहत और धोखे का जाल

बनगांव के बोआलदह निवासी प्रसेनजीत चौधरी की पत्नी फाल्गुनी राय की यह कहानी संघर्षों से भरी है। फाल्गुनी की पहली शादी बनगांव के ही एक व्यक्ति से हुई थी, जिससे उनका एक बेटा था। बाद में पता चला कि वह व्यक्ति बांग्लादेशी नागरिक है और वह चुपके से बेटे को लेकर सरहद पार भाग गया। इसी बीच फाल्गुनी ने प्रसेनजीत से शादी कर ली, लेकिन ममता उन्हें चैन से बैठने नहीं दे रही थी। 2023 में वे वैध पासपोर्ट-वीजा के साथ बेटे की तलाश में बांग्लादेश गईं।

जेल की सलाखें और पति का संघर्ष

आरोप है कि बांग्लादेश में फाल्गुनी के पहले पति ने उनके सारे वैध दस्तावेज छीन लिए और जान से मारने की धमकी दी। बिना कागजात के होने के कारण उन्हें बांग्लादेश पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इधर भारत में प्रसेनजीत ने हार नहीं मानी। उन्होंने विदेश मंत्रालय से लेकर जिला प्रशासन तक हर दरवाजा खटखटाया। अंततः दोनों देशों की सरकारों और अदालती सहयोग से फाल्गुनी की रिहाई संभव हुई। सोमवार शाम जब फाल्गुनी घर लौटीं, तो पूरे गांव में उत्सव का माहौल था। प्रसेनजीत ने अपनी पत्नी को फिर से अपनाते हुए धूमधाम से शादी की रस्में पूरी कीं।

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