निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। तेहट्ट के निश्चिंतपुर इलाके में मामूली विवाद के बाद एक टोटो चालक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान शक्ति हालदार के रूप में हुई है। सोमवार रात सरस्वती पूजा के मौके पर जब पूरा इलाका उत्सव में डूबा था, तभी इस वारदात ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और तेहट्ट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात शक्ति हालदार अपने टोटो में यात्रियों को लेकर निश्चिंतपुर इलाके से सरस्वती प्रतिमा दिखाने के लिए निकले थे। रास्ते में एक मोटरसाइकिल सवार से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि बाइक सवार ने आपा खो दिया और तुरंत अपने कुछ साथियों को वहां बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद भीड़ ने शक्ति को घेर लिया और उन पर टूट पड़े। लात-घूंसों और डंडों से उन्हें इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल शक्ति को तुरंत तेहट्ट अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन मंगलवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। शक्ति की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि यह 'गणपिटुनी' (मॉब लिंचिंग) की स्पष्ट घटना है, जहाँ एक निहत्थे व्यक्ति को भीड़ ने कानून हाथ में लेकर मार डाला।
निश्चिंतपुर इलाके के लिए यह कोई नई बात नहीं है। इसी क्षेत्र में कुछ महीने पहले भी मॉब लिंचिंग की एक भयानक वारदात हुई थी। तब एक बच्चे की मौत को केंद्र कर मची अफरा-तफरी में दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जबकि एक व्यक्ति आज भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेहट्ट थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की पहचान के लिए छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है।