जूट उद्योग को बचाने के लिए भाटपाड़ा में मशाल जुलूस, केंद्र के खिलाफ गरजी तृणमूल

A torchlight procession was held in Bhatpara to save the jute industry, and Trinamool roared against the Centre.
बंगाल में जूट उद्योग को बचान की मांग पर भाटपाड़ा में मसाल रैली का नेतृत्व करते दमदम-बैरकपुर जिला तृणमूल हिंदी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमित गुप्ता, साथ हैं उत्तर 24 परगना जिला तृणमूल हिंदी प्रकोष्ठ के चेयरमैन अशोक शर्मा, पार्षद तरुण साव व अन्य
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

भाटपाड़ा: बंगाल की लाइफलाइन कहे जाने वाले जूट उद्योग के अस्तित्व पर मंडराते संकट और श्रमिकों की दुर्दशा के खिलाफ शुक्रवार की शाम भाटपाड़ा की सड़कें नारों और मशालों की रोशनी से गूंज उठीं। दमदम-बैरकपुर जिला तृणमूल हिंदी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें केंद्र सरकार पर जूट उद्योग के खिलाफ साजिश रचने और श्रमिकों के हितों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया गया।

श्रमिकों के हक की मांग

जुलूस का नेतृत्व भाटपाड़ा नगर पालिका के सीआईसी और प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमित गुप्ता ने किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जूट कमिश्नर की गलत नीतियों और केंद्र की उदासीनता के कारण जूट मिलें बंदी के कगार पर हैं। उन्होंने मांग की कि बंद पड़ी मिलों को तुरंत खोला जाए और चल रही मिलों को सप्ताह के सातों दिन तीन शिफ्टों में चलाया जाए ताकि श्रमिकों को नियमित रोजगार मिल सके।

जूट की शत-प्रतिशत खरीदारी हो

अमित गुप्ता ने आगे कहा कि केंद्र सरकार प्लास्टिक लॉबी को फायदा पहुँचाने के बजाय जूट पैकेजिंग सामग्री के उपयोग को कड़ाई से लागू करे। उन्होंने जूट का उचित रेट तय करने और जूट उत्पादों की शत-प्रतिशत खरीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जुलूस में नगर पालिका के वाइस चेयरमैन देवज्योति घोष, जिला हिंदी प्रकोष्ठ अध्यक्ष अशोक शर्मा समेत भारी संख्या में पार्षद और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि जूट उद्योग की स्थिति नहीं सुधरी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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