

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर शिल्पांचल में मंगलवार का दिन अग्नि कांड की दो बड़ी घटनाओं के कारण दहशत भरा रहा। पहली घटना कमरहट्टी में एक पेट्रोल पंप के पास हुई, जहां एक तेल टैंकर धू-धू कर जल उठा, वहीं दूसरी घटना श्यामनगर की एक बहुमंजिला इमारत में घटी। दोनों ही मामलों में दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की तत्परता के कारण एक बड़ी तबाही टल गई और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पहली भयावह घटना कमरहट्टी नगर पालिका के वार्ड नंबर 23 इलाके में सामने आई। यहाँ बीटी रोड के किनारे स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े तेल के टैंकर में अचानक भीषण आग लग गई। चूंकि स्थान बेहद संवेदनशील था, इसलिए टैंकर से उठती ऊंची लपटों को देख आसपास के रिहायशी इलाकों में चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते बीटी रोड पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों को डर था कि यदि आग पंप के मुख्य फ्यूल टैंक तक पहुँची, तो पूरा इलाका दहल सकता है।
घटना की गंभीरता को भांपते हुए बेलघरिया थाना की पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीटी रोड के एक हिस्से पर यातायात को रोक दिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां युद्ध स्तर पर मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर टैंकर की आग को पंप की मुख्य यूनिट तक फैलने से रोकने के लिए घंटों मशक्कत की। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग इतनी विकराल थी कि दूर से ही धुएं का काला गुबार देखा जा सकता था। काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं।
अगलगी की दूसरी घटना श्यामनगर के फीडर रोड इलाके में घटी। मंगलवार की दोपहर यहाँ स्थित एक बहुमंजिला इमारत (अपार्टमेंट) से अचानक धुआं निकलता देख लोगों के होश उड़ गए। दोपहर का समय होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों के भीतर ही थे। जैसे ही आग की खबर फैली, निवासियों ने अपनी जान बचाने के लिए नीचे की ओर दौड़ना शुरू कर दिया।
घटना की खबर मिलते ही जगद्दल थाना की पुलिस और दमकल का एक इंजन तुरंत मौके पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने बिल्डिंग के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और करीब 30 मिनट की कड़ी मेहनत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग यदि थोड़ी देर और न बुझती तो यह पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले सकती थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
शिल्पांचल में एक ही दिन में हुई इन दो घटनाओं ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों और 'फायर ऑडिट' की आवश्यकता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।