

उपराज्यपाल एडमिरल डी.के. जोशी की अध्यक्षता में की गयी समीक्षा
सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अवैध घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल और आईलैंड्स डेवलपमेंट एजेंसी के उपाध्यक्ष एडमिरल डी.के. जोशी (सेवानिवृत्त) ने की। बैठक में अंडमान एवं निकोबार पुलिस के महानिदेशक हरगोबिंदर सिंह धालीवाल समेत प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान, पता लगाने और उन्हें निर्वासित करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना था। इसके लिए जिला-वार विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) के गठन और उसके संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सभी कार्य गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार किए जाएंगे।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए, खुफिया तंत्र को सुदृढ़ बनाया जाए और कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवास पर नियंत्रण के लिए यह आवश्यक है कि कार्रवाई सुनियोजित, समन्वित और विधिसम्मत तरीके से की जाए।
पुलिस महानिदेशक ने एसटीएफ के गठन, होल्डिंग सेंटर की स्थापना और बायोमेट्रिक प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस बल आंतरिक सुरक्षा और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एसटीएफ के संचालन में जिलेवार जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी और सभी विभाग एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखेंगे। बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल कर अवैध प्रवासियों की पहचान तेज और प्रभावी होगी। होल्डिंग सेंटर की स्थापना के माध्यम से प्रवासियों की सुरक्षित और कानूनी रूप से नियंत्रित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाएगा।
इस प्रकार, अंडमान-निकोबार प्रशासन अवैध प्रवास को रोकने और द्वीप समूह में सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक ठोस और कानूनी रूप से मजबूत रणनीति तैयार कर रहा है। यह कदम स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य द्वीप समूह में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रवासन प्रबंधन सुनिश्चित करना है।