70 वर्षों की शोध यात्रा को दर्शाता विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र

70 वर्षों की शोध यात्रा को दर्शाता विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र

द्वितीय अंडमान एवं निकोबार पुस्तक मेले में स्टॉल संख्या 13 पर प्रदर्शनी 
Published on

सात दशकों से चल रहा मानवविज्ञान अनुसंधान

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : मानवविज्ञान सर्वेक्षण भारत, अंडमान एवं निकोबार क्षेत्रीय केंद्र 14 से 22 फरवरी तक आईटीएफ ग्राउंड, श्री विजयपुरम में आयोजित द्वितीय अंडमान एवं निकोबार पुस्तक मेला में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। संस्थान ने स्टॉल संख्या 13 पर एक सजीव एवं ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी लगाई है, जहां आगंतुकों को द्वीपों में सात दशकों से अधिक समय से किए जा रहे मानवविज्ञान अनुसंधान से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। वर्ष 1951 से क्षेत्र की सांस्कृतिक और जैविक विरासत के दस्तावेजीकरण, संरक्षण और प्रसार के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता इस स्टॉल के माध्यम से परिलक्षित होती है। पुस्तक मेले के दौरान अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टॉल का दौरा किया और शोधकर्ताओं व कर्मचारियों से संवाद किया। प्रदर्शनी में दशकों के शोध कार्य, प्रकाशन और अभिलेखीय सामग्री प्रदर्शित की गई है, जिसमें जनजातीय जनसांख्यिकी, लोककथाएं, भौतिक संस्कृति, सुनामी के प्रभाव और द्वीपीय परिवेश में मानव अनुकूलन जैसे विषय शामिल हैं। स्टॉल पर प्रदर्शित कॉफी टेबल बुक “अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लोग” सहित अनेक प्रकाशन आगंतुकों को द्वीपों की सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना की गहन समझ प्रदान कर रहे हैं। विश्व मानवविज्ञान दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय केंद्र ने आमजन से आईटीएफ ग्राउंड स्थित स्टॉल तथा मिडिल प्वाइंट स्थित क्षेत्रीय मानवविज्ञान संग्रहालय का भ्रमण करने का आह्वान किया है। केंद्र का संदेश स्पष्ट है कि मानवविज्ञान केवल एक दिवस तक सीमित नहीं, बल्कि सतत शोध, दस्तावेजीकरण और जनसेवा के माध्यम से प्रतिदिन जीवंत रहता है।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in